आगरा में सिस्टम की चौखट पर एड़ियां रगड़-रगड़ कर थक चुके किसान घुटनों के बल चलने पर मजबूर हो गए हैं। शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में तमाम किसान घुटनों के बल चलते हुए फरियाद लेकर आए।
अगली स्लाइड्स में जानिए आखिर क्यों किसानों को अपनाना पड़ा विरोध का यह तरीका...
2 of 5
आलू की फसल में खड़े आवारा पशु
- फोटो : अमर उजाला
आगरा जिले में आवारा पशुओं की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। किसानों का कहना है कि प्रशासन द्वारा इनकी रोकथाम के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। खुले घूम रहे आवारा पशु जहां फसलों को बर्बाद कर रहे हैं, वहीं अब तक इनके हमलों में कई ग्रामीण घायल भी हो चुके हैं। कुछ किसानों की जान भी चली गई है।
जिले में आवारा पशुओं को लेकर किसानों में आक्रोश है। इसके चलते शनिवार को भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले तमाम किसानों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। ये किसान शहर के रावली पुल से घुटने के बल चलते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया।
किसानों को घुटने के बल चलता देखकर सड़क से गुजरने वाला हर कोई शख्स हैरान रह गया। किसान नारेबाजी करते हुए चल रहे थे। विरोध प्रदर्शन के चलते सड़क पर जाम की स्थिति भी बनी रही।
प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर एड़ियां रगड़-रगड़ कर थक चुके हैं, लेकिन प्रशासन उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। इसलिए वे घुटनों के बल चलते हुए फरियाद लेकर आए हैं।