उत्तर प्रदेश के इटावा में शनिवार को हुए भीषण सड़क हादसे ने आगरा जिले के कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। इस हादसे में किसी ने पिता खोया तो किसी के पति की जान चली गई। दो सगी बहनों का सुहाग उजड़ गया। रविवार सुबह जब मृतकों के शवों को गढ़ा पचौरी लाया गया तो गांव में चीत्कार मच गई। परिवारवालों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। घरों में चूल्हे तक नहीं जले।
2 of 6
इटावा सड़क हादसा
- फोटो : अमर उजाला
बाह क्षेत्र के गांव गढ़ा पचौरी निवासी वीरेंद्र बघेल के छह माह के बेटे का शनिवार को मुंडन संस्कार था। मुंडन कराने परिवार के लोग, रिश्तेदार और ग्रामीण डीसीएम से लखना के कालका जी मंदिर जा रहे थे। उदी-चकरनगर रोड स्थित मिहोली गांव के पास मोड़ पर तेज रफ्तार डीसीएम अनियंत्रित होकर 20 फीट गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
3 of 6
इटावा हादसा: मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
- फोटो : अमर उजाला
मृतकों में गढ़ा पचौरी के किशनलाल (उम्र 75 वर्ष), रामदास (60), हाकिम सिंह (60), जनवेद सिंह (45), प्रवेंद्र उर्फ लालू बघेल (40), मनोज कुशवाहा (38), महेश (48), राजेश (35), राजेंद्र (50), गुलाब सिंह (45), बनवारी लाल (60) तथा अज्ञात महिला है। जनवेद और प्रवेंद्र दोनों सगे भाई हैं। जनवेद की शादी कुसुमा और प्रवेंद्र की ऊषा देवी से हुई थी। यह दोनों सगी बहनें हैं। हादसे में सुहाग उजड़ने से दोनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
4 of 6
इटावा हादसा: बचाव कार्य में जुटे पुलिसकर्मी और स्थानीय लोग
- फोटो : अमर उजाला
परिजनों ने बताया कि जनवेद और प्रवेंद्र की बहन बबली की मौत हो चुकी है। आगरा में उनके बेटे कृष्णा और बेटी रेखा की 26 अप्रैल को शादी होनी है। दोनों शादी में भात देने की तैयारी कर रहे थे। 22 अप्रैल को लग्नोत्सव पर दोनों भात देने के लिए जाने वाले थे। भात देने से पहले दोनों भाइयों की मौत के साथ ही परिवार में मातम पसर गया।
5 of 6
इटावा सड़क हादसा: घटनास्थल पर पुलिसकर्मी और स्थानीय लोग
- फोटो : अमर उजाला
वीरेंद्र बघेल के जिस बेटे का मुंडन संस्कार था उसका देर रात तक पता नहीं चल सका। बच्चा लापता है या परिवार के किसी व्यक्ति के पास, इसकी जानकारी प्रशासन कर रहा है। देर रात पुलिस ने खंदी में उसे तलाश करने के लिए टीम भेजी। पुलिस के मुताबिक वीरेंद्र जिला अस्पताल में भर्ती है और बेहोश है। परिवार के लोग घायल हैं या मर चुके हैं। इस कारण बच्चे की जानकारी नहीं हो पा रही। मृतकों में रामदास व किशन लाल जीजा-साले हैं।