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दशहरे पर 'ईको फ्रेंडली रावण' देगा पर्यावरण संरक्षण का संदेश, मुस्लिम कारीगरों ने किया तैयार

Mon, 07 Oct 2019 01:56 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 07 Oct 2019 01:56 PM IST
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Dussehra Eco friendly Ravan will give message of environmental protection
इको फ्रेंडली रावण का पुतला - फोटो : अमर उजाला
भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा में इस बार विजयदशमी (दशहरा) पर 72 फीट ऊंचे इको फ्रैंडली रावण के पुतले का दहन होगा। यह पिछले साल के मुकाबले दो फीट लंबा है। वहीं, अहिरावण का पुतला 68 फीट ऊंचा बनाया गया है। रामलीला में इन पुतलों का निर्माण एक मुस्लिम परिवार ने किया है। यह परिवार पिछले कई वर्षों से अपने काम से हिंदू-मुस्लिम एकता का संदेश दे रहा है।  
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मंगलवार को विजयदशमी का पर्व है। श्रीराम लीला के दौरान रावण के पुतले का दहन करने की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। महाविद्या के मैदान में 72 फीट लंबा रावण का पुतला तैयार हो चुका है, जो इको फ्रैंडली है। इसे बनाने में किसी भी तरह की प्लास्टिक का उपयोग नहीं किया गया है, रस्सी भी सूत की ली गई है। इस बार अहिरावण का पुतला भी पिछले साल के मुकाबले बड़ा होगा। 
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महाविद्या मैदान में पुतले बनाने का काम डेढ़ महीने से चल रहा है। मैदान में पानी भरने और पुतलों को तैयार करने में लगने वाला कागज खराब होने से इस बार 15 दिन का समय अधिक लग गया। मथुरा के छोटे लाल फारुखी के परिवार ने इन पुतलों का निर्माण किया है। इन पुतलों के बनाने में कहीं भी प्लास्टिक का प्रयोग नहीं किया गया है। 

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मुस्लिम कारीगरों ने किया तैयार

चार पीढ़ियों से रावण का पुतला बनाने में जुटा है। 65 साल के छोटेलाल फारुखी व उनके परिवार को मथुरा ही नहीं, आसपास के जनपदों में भी रावण, मेघनाथ और अहिरावण के पुतले बनाने के लिए बुलाया जाता है। छोटे लाल फारुखी बताते हैं कि उनकी पीढ़ियां 100 वर्षों से रावण का पुतला बनाती आ रही हैं। दादा अलीबक्श और पिता मुगल भी मथुरा और आसपास के जनपदों में जाकर रावण का पुतला बनाते थे। 

छोटेलाल फरुखी का कहना है कि लगभग एक से डेढ़ माह के भीतर वह रावण का पुतला बना लेते हैं। 15 से 18 कारीगरों को इसमें लगाया जाता है। दशहरे पर रावण का पुतला जलाने के वक्त वह मैदान पर ही रहते हैं। साथी कारीगर जावेद अली ने कहा कि पुतले बनाने के साथ वह लोग भाईचारे की कामना भी करते हैं। 


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