फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

विजयदशमी पर भगवान श्रीकृष्ण की नगरी में होती है रावण की पूजा, वर्षों पुरानी है यह परंपरा

Mon, 07 Oct 2019 08:52 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 07 Oct 2019 08:52 AM IST
विज्ञापन
dussehra 2019 people worship ravana on vijayadashami in mathura
रावण के स्वरूप की पूजा करते सारस्वत समाज के लोग - फोटो : अमर उजाला
विजयदशमी के पर्व को लेकर भगवान श्रीकृष्ण की जन्म और लीला भूमि पर पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की जयजयकार हो रही है। जगह-जगह रामलीला का मंचन किया जा रहा है। श्रीराम की भक्ति के साथ इस धार्मिक भूमि पर रावण के पूजन की भी तैयारी हो रही है। दशहरा पर रावण के पूजन की यह परंपरा वर्षों पुरानी है।
dussehra 2019 people worship ravana on vijayadashami in mathura
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
रावण को भले ही बुराई के प्रतीक के रूप में माना जाता है, लेकिन मथुरा में रावण को पूजने वाले भी हैं। दशहरा पर एक तरफ रावण यहां जल रहा होता है तो दूसरी ओर उनके भक्त शिव मंदिर में रावण की पूजा अर्चना कर रहे होते हैं। यमुना के किनारे सदर में बने शिव मंदिर में रावण के पूजन की परंपरा वर्षों से निभाई जा रही है। यह परंपरा इस बार भी निभाई जाएगी। 
dussehra 2019 people worship ravana on vijayadashami in mathura
ओमवीर सारस्वत एडवोकेट - फोटो : अमर उजाला
रावण की पूजा करने वाले ओमवीर सारस्वत एडवोकेट ने बताया कि भगवान शिव की पूजा करने वाले महाराज दशानन के स्वरूप को हम नमन करते हैं। प्रचंड विद्वान होने के नाते इस तरह से रावण का पुतला दहन नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि रावण परम विद्वान थे, रावण के पास बहुत ही अद्भुत शक्तियां थीं। राम और लक्ष्मण ने भी अंत समय उनसे शिक्षा ली। 
विज्ञापन
विज्ञापन
dussehra 2019 people worship ravana on vijayadashami in mathura
रावण की पूजा करते सारस्वत समाज के लोग - फोटो : अमर उजाला
ओमवीर ने बताया कि दूसरे किसी भी व्यक्ति का अंतिम संस्कार एक बार होता है, रावण का दहन हर वर्ष करना अनुचित है। हम इसका विरोध करते रहेंगे। इस पूजा परंपरा से जुड़े संजय सारस्वत, कुलदीप अवस्थी, राकेश सारस्वत ने बताया कि रावण के पुतला दहन की प्रक्रिया बंद होनी चाहिए। वो रावण में अपार गुणों को देखते हुए उनका पूजन करते रहेंगे।
विज्ञापन
dussehra 2019 people worship ravana on vijayadashami in mathura
रावण, मेघनाद, कुंभकरण का पुतला बनाते कारीगर - फोटो : अमर उजाला
करीब 10 साल पहले रावण का पुतला जलाए जाने का विरोध करते हुए स्थानीय न्यायालय में जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसे कोर्ट ने सुनने से इंकार कर दिया है। इसके बाद एनजीटी में गुहार लगाई गई है। इसमें प्रत्येक वर्ष रावण के दहन के विरोध किया है। इससे होने वाले प्रदूषण से जनजीवन को हो रहे नुकसान का हवाला दिया गया है।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed