मैनपुरी में महज साढ़े चार बीघा जमीन के लिए छोटे भाई ने अपने भैया-भाभी की जान ले ली। उसने आठ माह की मासूम भतीजी को भी मारने की प्रयास किया। किसी को शक न हो इसलिए घायल भतीजी को अस्पताल भी गया, लेकिन अपनों के खून से सने उसके कपड़ों से उसका खौफनाक चेहरा सामने आया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर सख्ती के साथ पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
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घटनास्थल पर पुलिस
- फोटो : Amar Ujala
कुरावली थाना क्षेत्र के गांव निजामपुर निवासी शांतिशरन के चार बेटियां और दो बेटे थे। बेटियों की शादी के साथ ही नौ बीघा पैतृक जमीन विघ्नेश और अवनेश के बीच बराबर-बराबर बांट दी गई। अवनेश शराब पीने आदी था, उसने अपना शौक पूरा करने के लिए अपने हिस्से की जमीन को बेच दिया।
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घटनास्थल पर एकत्र ग्रामीणों की भीड़
- फोटो : Amar Ujala
विघ्नेश के कोई संतान नहीं थी, इस कारण अवनेश की नजर भाई की जमीन पर थी। करीब आठ माह पहले बहन की मौत के बाद विघ्नेश की पत्नी गीता देवी ने उनकी नवजात बच्ची को गोद ले लिया। जमीन की बारिश वैष्णवी के होने से दोनों भाइयों के बीच झगड़े होने लगे।
बेटी को मरा समझकर भाग हत्यारोपी
हत्यारोपी अवनेश का निशाना आठ माह की वैष्णवी भी थी। भाई और भाभी की हत्या करने के साथ ही उसने वैष्णवी पर भी हमला किया। बच्ची को मरा समझकर युवक भाग निकला। ग्रामीणों के अनुसार वैष्णवी और जमीन को लेकर दो दिन पहले ही दोनों भाइयों के बीच झगड़ा हुआ था। पुलिस पूछताछ में अवनेश ने स्वीकार किया है कि उसने जमीन के लिए ही अपने भाई और भाभी की हत्या की है।
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मृतका दंपती के पड़ोस की छत पर ग्रामीण
- फोटो : Amar Ujala
नमक का कर्ज भी भूला हत्यारोपी
ग्रामीणों ने बताया कि युवक नशे का आदी था। आए दिन उसका पत्नी से भी झगड़ा होता था। रोज-रोज के झगड़ों से परेशान होकर करीब दो महीने पहले पत्नी घर छोड़कर चली गई थी। इसके बाद युवक भाई के घर खाना खाता था। ग्रामीणों ने बताया कि वारदात की रात भी आरोपी ने भाभी के हाथ का बना हुआ खाना खाया और फिर वहीं पर सो गया।