उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की हालत नाजुक है। यहां इलाज की बात तो दूर अस्पताल तक पहुंच पाना ही अपने आप में एक संघर्ष है। बुधवार को एसएन मेडिकल कॉलेज के टीवी विभाग से कुछ तस्वीरें सामने आई हैं। यह लोगों को विचलित कर देने वाली हैं।
एसएन मेडिकल कॉलेज के टीबी विभाग में पहुंचने के लिए जिस रास्ते का उपयोग डॉक्टर और मरीज करते हैं वह बेहद चिंताजनक है। या यूं कहें कि इस तरह से निकलना खुद की जान को जोखिम में डालना है तो यह अतिशयोंक्ति नहीं होगा।
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लोहे के बंद टूटे गेट की सरियों के बीच से मासूम को निकालती महिला
- फोटो : अमर उजाला
पहली तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि एक महिला अपने मासूम बालक को लोहे के बंद टूटे गेट की सरियों के बीच से निकाल रही है। कम जगह होनी की वजह से मासूम बीच में फंसा है। ऐसे में एक भी नुकीली सरिया यदि मासूम को खरोंचती है तो उसके लिए खतरनाक हो सकता है।
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लोहे के बंद टूटे गेट की सरियों के बीच से निकलती महिला
- फोटो : अमर उजाला
दूसरी तस्वीर में साफ है कि महिला खुद को उसी टूटे गेट के छोटे गेट से निकालने का प्रयास कर रही है। उसके चेहरे की सिकुड़न शायद इस बात को बता रही है कि उसके शरीर में नुकीलीं सरिया चुभ रहीं हैं, इसके बाद भी वह जान जोखिम में डाल रही है।
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दीवार फांदकर पार कर रही अधेड़ महिला
- फोटो : अमर उजाला
अगली तस्वीर में नजर डालेंगे को आपके होश उड़ जाएंगे। एक अधेड़ उम्र की महिला करीब 7-8 फीट की ऊंची दीवार को फांदकर पार कर रही है। जरा सी असावधानी उसके लिए घातक हो सकती है। यहां तक कि गिरने से उसकी जांन तक जा सकती है। इसके बाद भी सिर्फ वही नहीं लोग इस रास्ते को पार करने के लिए लाइन पर खड़े हैं।
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दीवार फांदकर पार करते तीमारदार, रोगी व अस्पताल स्टॉफ
- फोटो : अमर उजाला
इससे अगली तस्वीर भी कुछ ऐसी ही है। इसमें एक युवक दीवार से नीटे कूदते नजर आ रहा है। शायद उसने डॉक्टर तक पहुंचने से पहले पड़ने वाली एवरेस्ट को फतह कर लिया था। इतना ही नहीं साथ में एक और सख्श दीवार से कूदते नजर आ रहा है। उसने डॉक्टर की तरह ही ड्रेस पहन रखी है। वह डॉक्टर है या सहयोगी स्टाफ यह कह पाना तो मुश्किल है, लेकिन यह सभी दृश्य वाकई विचलित कर देने वाले हैं।