दुल्हन के हाथों से मेहंदी का रंग अभी उतरा भी नहीं था, उससे पहले उसका सुहाग उजड़ गया। आगरा के मारुति एस्टेट स्थित राधिका विहार में मंगलवार दोपहर डॉक्टर नवलकांत सिंह ने घर में ही आत्महत्या कर ली। उनका शव उनके कमरे में फंदे से लटका मिला। उनकी सात दिन पहले ही 11 दिसंबर को शादी हुई थी। घटना से हर कोई हैरान रह गया जबकि वजह का पता नहीं चल सका है।
नवलकांत पुत्र छत्रपाल सिंह ने पिछले साल ही एसएन मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया था। उनकी जॉब लग गई थी। संविदा पर दहतौरा पीएचसी पर तैनात थे। कुछ दिन पहले ही नवलकांत ने पीजी की तैयारी के लिए नौकरी छोड़ दी थी। उनकी शादी जिला अस्पताल में तैनात फार्मासिस्ट महेश बघेल की बेटी ज्योति से हुई थी। घर में शादी की खुशियां अभी मनाई जा रही थीं, लेकिन डॉक्टर की मौत से परिवार में मातम पसर गया है।
ज्योति ने नवलकांत को मृत अवस्था में देखा तो वो बेहोश हो गई। होश आया तो बिलखकर रोने लगी। उसका हाल बेहाल हो गया। लोग कह रहे थे कि हे भगवान, यह क्या हो गया। ज्योति के मायके से भी लोग पहुंच गए। सभी की आंखों से आंसू गिर रहे थे। सात दिन पहले की ही तो बात थी। क्या खुशी का नजारा था। ज्योति और नवल की शादी में सभी खुश थे।
नवलकांत भी यही कह रहे थे कि बहुत अच्छी पत्नी मिली है। उनके परिवार के लोग भी प्रसन्न थे। ज्योति के परिवार की खुशी का भी ठिकाना नहीं था। डॉक्टर दामाद जो मिला था। दोनों घरों में खुशियां छाई थी। अब मातम पसरा है। ज्योति के हाथों की मेहंदी का रंग अभी तक फीका नहीं पड़ा है और सिंदूर छिन गया।
आत्महत्या से कुछ देर पहले नवलकांत घर के पास में ही स्थित पार्क में झूला झूल रहे थे। पिता के पैर छूकर दूसरी मंजिल पर स्थित अपने कमरे में गए। वहां पत्नी ज्योति से कहा कि तुम्हें मां ने बुलाया है। पत्नी के नीचे जाते ही फंदा लगाया और उस पर लटक गए।परिजन उन्हें लेकर एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।