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ताजमहल: 77 साल बाद सहेजा गया गुंबद, 230 फीट ऊंचाई पर हवा में लटक कर किया संरक्षण कार्य

Tue, 27 Jul 2021 02:05 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 27 Jul 2021 02:05 AM IST
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Conservation work on main dome of Taj Mahal after 77 years in Agra
ताज के गुंबद पर संरक्षण कार्य करते कर्मचारी - फोटो : एएसआई

आगरा में 77 साल बाद ताजमहल के मुख्य मकबरे के गुंबद को सहेजा गया है। कोरोना काल के दौरान मकबरे पर गुंबद के टूटे पत्थरों को लगाया गया और प्वाइंटिंग कराई गई। जमीन से करीब 239 फीट ऊंचाई पर ताज के गुंबद पर झूला लटका कर एएसआई कर्मचारियों ने गुंबद का संरक्षण कार्य किया। 1944 के बाद पहली बार ताज के गुंबद पर इनले पीस लगाने और चारों बुर्जियों का संरक्षण किया गया है।



लॉकडाउन में जब ताजमहल पर्यटकों के लिए बंद रहा, तब भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने मकबरे के मुख्य गुंबद और इसकी चारों बुर्जियों का संरक्षण किया। मकबरे के संगमरमरी गुंबद पर पच्चीकारी के पत्थर निकल गए थे। सफेद संगमरमर के गुंबद पर नीचे काले रंग का बार्डर बना हुआ है, जिसके इनले पीस संरक्षण केदौरान लगाए गए। 

Conservation work on main dome of Taj Mahal after 77 years in Agra
ताज के गुंबद पर संरक्षण कार्य करते कर्मचारी - फोटो : एएसआई
73 मीटर ऊंचे यानी 239.50 फीट ऊंचे ताजमहल के गुंबद के कलश पर झूला डालकर एएसआई के कर्मचारियों ने बड़ी कठिनाई भरे हालात में पच्चीकारी का काम पूरा किया। यहां हवा की रफ्तार भी बेहद तेज थी और इतनी ऊंचाई पर काम करना बेहद कठिन था। आगरा मंडल के भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के कर्मचारियों ने धैर्य के साथ ताजमहल के गुंबद पर चटके हुए इनले पीस को बदलने और प्वाइटिंग का काम किया। 
Conservation work on main dome of Taj Mahal after 77 years in Agra
ताज के गुंबद पर संरक्षण कार्य करते कर्मचारी - फोटो : एएसआई
संरक्षण कार्य होने से ताज के गुंबद के दरकते पत्थरों की उम्र और बढ़ गई। इसके अलावा एएसआई ने दक्षिण पश्चिमी मीनार के अंदर लगी लाल पत्थर की सीढ़ियों को भी बदला गया। नीचे से ही ढालकर पत्थरों को ऊपर ले जाया गया।
 
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Conservation work on main dome of Taj Mahal after 77 years in Agra
ताजमहल का मुख्य गुंबद - फोटो : एएसआई
मडपैक ट्रीटमेंट का खुल गया रास्ता
ताजमहल के प्रदूषण के कारण पीले पड़ जाने की रिपोर्ट के बाद संसदीय कमेटी की सिफारिश पर एएसआई की रसायन शाखा ने ताजमहल का मडपैक ट्रीटमेंट शुरू किया था, जिसमें अब केवल मुख्य गुंबद ही बाकी है। 
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Conservation work on main dome of Taj Mahal after 77 years in Agra
ताज के गुंबद पर संरक्षण कार्य करते कर्मचारी - फोटो : एएसआई
गुंबद की भार वहन क्षमता का निर्धारण होने के बाद एएसआई ने संरक्षण कार्य कराया है। इसके बाद अब मडपैक ट्रीटमेंट का रास्ता खुल गया है। ताज का यह गुंबद पीलापन लिए हुए हैं, जबकि अन्य हिस्सा मडपैक ट्रीटमेंट के कारण धवल हो चुका है।
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