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छठ महापर्व: आज डूबते सूर्य को दिया जाएगा अर्घ्य, यमुना घाटों पर लगेगा 'आस्था का मेला'
Sat, 02 Nov 2019 06:04 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 02 Nov 2019 06:04 PM IST
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छठ पूजा (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
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छठ पर्व के तीसरे दिन शनिवार को (षष्ठी पर) अस्ताचलगामी (डूबते हुए) सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। आगरा के बल्केश्वर, रामबाग, हाथीघाट, दशहरा घाट, कैलाश घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। कुछ श्रद्धालु अपने घर पर ही कुंड बनाकर पूजन करते हैं। वहीं दूसरे दिन शुक्रवार को व्रतियों ने खरना (छोटी छठ) का पूजन किया। मुख्य पर्व (षष्ठी) के लिए पूजन सामग्री को तैयारी किया।
छठ पूजा के लिए खीर बनाती महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
ज्योतिषाचार्य आचार्य गोविंद दुबे के मुताबिक शनिवार को मिट्टी की वेदी बनाकर कलश स्थापित करेंगे। षष्ठी मैया और भगवान सूर्य की उपासना की जाएगी। ईख को मंडप बनाया जाएगा। फल, ठेकुआ आदि अर्पित किया जाएगा। डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। तीन नवंबर को सुबह चार बजे से पूजा शुरू हो जाएगी, यह सूर्योदय के साथ संपन्न होगी।
खरना पर पूजा करतीं व्रती महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार को सुबह से ही घरों में व्रती महिलाएं ठेकुआ (पकवान) तैयार करने में जुट गई हैं। शाम को व्रती बांस की सुपेली, डलिया और सूप में फल, पकवान, कच्ची हल्दी और अदरक, सुथनी, पान का पत्ता, दीपक, गन्ना, लाल और पीले रंग का कपड़ा आदि पूजन सामग्री लेकर घाटों का रुख करेंगी।
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छठ पूजा
- फोटो : अमर उजाला
पूर्वांचल सांस्कृतिक सेवा समिति के अध्यक्ष शंभू नाथ चौबे के मुताबिक घाटों समिति की ओर से विशेष इंतजाम किए गए हैं। बल्केश्वर व रामबाग घाट पर यमुना मैया की आरती की जाएगी। बल्केश्वर घाट, हाथीघाट , रामबाग घाट और कैलाश घाट पर भी विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
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व्रती महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
छठ मैया के प्रति अपार श्रद्धा
त्योहारों में छठ पर्व महत्वपूर्ण होता है। मैं 20 वर्षों से व्रत कर रही हूं। यह मेरे लिए मेरी मनोकामना पूर्ति का अहम साधन है। - मीना दुबे
इस पर्व को करने से अपार शांति मिलती है। छठ पर्व के लोक गीत कर्णप्रिय हैं। इनको सुनने से मन को शांति मिलती है। - मीना गुप्ता
छठ मैया का व्रत रोगों से मुक्ति पाने, संतान की सुख-समृद्धि में वृद्धि के लिए रखा जाता है। मनोकामना पूरी भी होती है। - अंकिता चौबे
छठ मैया का व्रत कठिन जरूर है, इसे करने से नई ऊर्जा का संचार होता है। मन को शांति मिलती है। यही वजह है कि श्रद्धालु बढ़ते जा रहे हैं।- निधि सिंह
त्योहारों में छठ पर्व महत्वपूर्ण होता है। मैं 20 वर्षों से व्रत कर रही हूं। यह मेरे लिए मेरी मनोकामना पूर्ति का अहम साधन है। - मीना दुबे
इस पर्व को करने से अपार शांति मिलती है। छठ पर्व के लोक गीत कर्णप्रिय हैं। इनको सुनने से मन को शांति मिलती है। - मीना गुप्ता
छठ मैया का व्रत रोगों से मुक्ति पाने, संतान की सुख-समृद्धि में वृद्धि के लिए रखा जाता है। मनोकामना पूरी भी होती है। - अंकिता चौबे
छठ मैया का व्रत कठिन जरूर है, इसे करने से नई ऊर्जा का संचार होता है। मन को शांति मिलती है। यही वजह है कि श्रद्धालु बढ़ते जा रहे हैं।- निधि सिंह