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बटेश्वर में गूजेंगे 'अटल गीत', तीर्थस्थल और पर्यटन स्थल के रूप में होगा विकसित
Fri, 05 Jul 2019 12:10 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 05 Jul 2019 12:10 AM IST
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बटेश्वर
- फोटो : अमर उजाला
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पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मस्थली बटेश्वर बाह में उनके अटल गीत गूंजेंगे। साथ ही यहां यमुना किनारे 108 शिव मंदिर और शौरीपुर में जैन तीर्थस्थल को धार्मिक पर्यटन के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश सरकार ने बटेश्वर के विकास के लिए 3.60 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की है। इसको लेकर बाह विधायक रानी पक्षालिका सिंह ने हर्ष व्यक्त किया है।
बटेश्वर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
भाजपा विधायक रानी पक्षालिका सिंह ने बटेश्वर के विकास को लेकर एक प्रस्ताव तैयार किया था, जिसे जिला प्रशासन के माध्यम से शासन को भेजा गया था, जिस पर मुख्यमंत्री ने पहली किस्त जारी कर दी है। विधायक का कहना है कि दो सप्ताह में काम शुरू हो जाएगा।
अटलजी की कुल देवी का मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
बटेश्वर के विकसित होने पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मस्थली को देखने के लिए देश-विदेश से पर्यटक आया करेंगे। वे यहां शांति के लिए धार्मिक पर्यटक स्थल का आनंद ले सकेंगे। यहां यमुना किनारे 108 शिव मंदिरों की श्रृंखला हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करती है।
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अटल बिहारी वाजपेयी
- फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री रहते अटल बिहारी वाजपेयी जब बटेश्वर में आगरा-इटावा रेल परियोजना का शिलान्यास करने आए थे, तब वह जिस अतिथि गृह में रुके थे, उसी के जीर्णोद्धार से बटेश्वर में कार्य शुरू होंगे। बता दें कि बटेश्वर में ही अटल बिहारी वाजपेयी का बचपन गुजरा था।
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जंगलात कोठी
- फोटो : अमर उजाला
ये भी होने हैं कार्य
- यज्ञशाला को विकसित करना (बचपन में यहां अटलजी यज्ञ किया करते थे)।
- अटलजी के पैतृक निवास स्थान को स्मारक में तब्दील करना।
- जंगलात कोठी का जीर्णोद्धार (सन् 1942 में अटलजी ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इसमें आग लगा दी थी, इस पर उन्हें जेल जाना पड़ा था।)
- बटेश्वर के मंदिरों के घाटों का सौंदर्यीकरण।
- यज्ञशाला को विकसित करना (बचपन में यहां अटलजी यज्ञ किया करते थे)।
- अटलजी के पैतृक निवास स्थान को स्मारक में तब्दील करना।
- जंगलात कोठी का जीर्णोद्धार (सन् 1942 में अटलजी ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इसमें आग लगा दी थी, इस पर उन्हें जेल जाना पड़ा था।)
- बटेश्वर के मंदिरों के घाटों का सौंदर्यीकरण।