फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट के सर्वे में आगरा का हरित क्षेत्र दो साल में कम हुआ लेकिन पौधरोपण के दावे ऐसे हैं कि तीन साल में 86 लाख पौधे लगा दिए गए। कागजों में लगाए गए इन पौधों की ‘अमर उजाला’ ने पड़ताल की तो पाया कि 10 फीसदी पौधे भी जीवित नहीं बच पाए हैं। हकीकत में केवल गड्ढे खोदे गए और पौधे लगाने का दावा किया गया। स्कूल, रोड, रेलवे ट्रैक के किनारे बीते साल 28 हजार पौधे लगाने का दावा किया गया लेकिन इनमें से महज 10 फीसदी ही बच सके हैं। इनमें भी वह पौधे बच सके जो घरों के निकट थे, जिसकी साल भर देखभाल आम लोग करते रहे। सरकारी विभागों ने एक बार पौधे लगाने के बाद इनकी देखभाल पर न ध्यान दिया और न ही पानी की व्यवस्था की।
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अमर उजाला पड़ताल: एक साल में सूख गए 90 फीसदी पौधे, रेलवे ट्रैक के किनारे खाली पड़े ट्री गार्ड, तस्वीरें
Fri, 09 Jul 2021 11:55 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 09 Jul 2021 11:55 AM IST
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आगरा: रेलवे ट्रैक के पास लगे ट्री गार्ड
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में रेलवे ट्रैक के किनारे लगे खाली ट्री गार्ड
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली-आगरा रेल ट्रैक
पौधे- 7000 का लक्ष्य
बचे- 2000 का दावा
वर्तमान हाल- कैंट से राजा की मंडी, ईदगाह स्टेशन के पास बीते साल 5 हजार पौधे लगाए गए, जो अब सूख चुके हैं। ट्रैक के साथ आउटर स्टेशनों पर बिल्लोचपुरा तक लगाए गए पौधों में से कोई नहीं बचा है। रेलवे की ओर से लगाए गए 7 हजार में से केवल दो हजार पौधे ही बच पाए, जो रेलवे कॉलोनी में घरों के पास लगे।
पौधे- 7000 का लक्ष्य
बचे- 2000 का दावा
वर्तमान हाल- कैंट से राजा की मंडी, ईदगाह स्टेशन के पास बीते साल 5 हजार पौधे लगाए गए, जो अब सूख चुके हैं। ट्रैक के साथ आउटर स्टेशनों पर बिल्लोचपुरा तक लगाए गए पौधों में से कोई नहीं बचा है। रेलवे की ओर से लगाए गए 7 हजार में से केवल दो हजार पौधे ही बच पाए, जो रेलवे कॉलोनी में घरों के पास लगे।
रेलवे ट्रैक के किनारे खाली पड़ा ट्री गार्ड
- फोटो : अमर उजाला
ट्रैक के सहारे पौधों की देखरेख नहीं हो सकी
हमने अपनी ओर से 2 हजार पौधे लगाए थे, जो कॉलोनियों में पनप रहे हैं। ट्रैक के किनारे पौधों को लगाने की योजना अलग थी, जहां पौधों की देखरेख नहीं हो सकी। - एसके श्रीवास्तव, वरिष्ठ मंडल प्रबंधक
हमने अपनी ओर से 2 हजार पौधे लगाए थे, जो कॉलोनियों में पनप रहे हैं। ट्रैक के किनारे पौधों को लगाने की योजना अलग थी, जहां पौधों की देखरेख नहीं हो सकी। - एसके श्रीवास्तव, वरिष्ठ मंडल प्रबंधक
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आगरा: स्कूल में सूखे पौधों का हाल
- फोटो : अमर उजाला
जगह- प्राथमिक विद्यालय
पौधे- 3100 का लक्ष्य, बचे- मालूम नहीं
वर्तमान हाल- बेसिक शिक्षा विभाग को वर्ष 2020-21 में 3100 पौधे लगो का लक्ष्य दिया गया था। लक्ष्य से पांच गुना अधिक 15,932 पौधे लगाए गए। कितने पौधे इनमें से बचे, इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। स्कूलों में लगे पौधे सूख गए हैं। कंपोजिट विद्यालय सरदार पटेल पार्क, लोहामंडी में गत वर्ष लगाए गए पौधे सूख गए हैं।
पौधों की स्थिति की कोई रिपोर्ट नहीं है
नगर क्षेत्र के स्कूलों में 108 स्थानों पर जिओ टैगिंग करानी थी, यह पूरी हो चुकी है। बीते साल के पौधरोपण की मौजूदा समय में क्या स्थिति है, इस संबंध में कोई रिपोर्ट नहीं है। - राजीव यादव, बेसिक शिक्षा अधिकारी
पौधे- 3100 का लक्ष्य, बचे- मालूम नहीं
वर्तमान हाल- बेसिक शिक्षा विभाग को वर्ष 2020-21 में 3100 पौधे लगो का लक्ष्य दिया गया था। लक्ष्य से पांच गुना अधिक 15,932 पौधे लगाए गए। कितने पौधे इनमें से बचे, इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। स्कूलों में लगे पौधे सूख गए हैं। कंपोजिट विद्यालय सरदार पटेल पार्क, लोहामंडी में गत वर्ष लगाए गए पौधे सूख गए हैं।
पौधों की स्थिति की कोई रिपोर्ट नहीं है
नगर क्षेत्र के स्कूलों में 108 स्थानों पर जिओ टैगिंग करानी थी, यह पूरी हो चुकी है। बीते साल के पौधरोपण की मौजूदा समय में क्या स्थिति है, इस संबंध में कोई रिपोर्ट नहीं है। - राजीव यादव, बेसिक शिक्षा अधिकारी
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आगरा में सूखे पड़े पौधे
- फोटो : अमर उजाला
जगह- इनर रिंग रोड
पौधे- 6000, बचे- 200 पौधे
वर्तमान हालात- बीते साल इनर रिंग रोड के डिवाइडर और उसके पास किनारों पर 6000 पौधे लगाए गए। करीब 200 पौधे ही बचे हैं। अब डिवाइडर पर जहां पुराने पौधे सूख गए, उन्हीं जगहों पर एडीए ने नए पौधे लगाए हैं। पूर्व में 9 हजार पौधों का दावा किया गया था। रविवार को 6 हजार पौधे लगाए गए। बाकी पौधे बारिश आने के बाद लगाए जाएंगे।
पुराने की जगह नए पौधे लगा रहे हैं
इनर रिंग रोड पर हमने डिवाइडर पर और कि नारों पर पौधे लगाए हैं। पिछले सालों के पौधों की देखरेख की गई है। कई जगह पौधे सूख गए, जहां नए पौधे लगाए जा रहे हैं। हराभरा इनर रिंग रोड तैयार कर रहे हैं। -राजेंद्र पैंसिया, उपाध्यक्ष, एडीए
अमर उजाला पड़ताल: यहां तीन साल में कागजों पर लगे 86 लाख पौधे, जमीन पर खाली गड्ढे
पौधे- 6000, बचे- 200 पौधे
वर्तमान हालात- बीते साल इनर रिंग रोड के डिवाइडर और उसके पास किनारों पर 6000 पौधे लगाए गए। करीब 200 पौधे ही बचे हैं। अब डिवाइडर पर जहां पुराने पौधे सूख गए, उन्हीं जगहों पर एडीए ने नए पौधे लगाए हैं। पूर्व में 9 हजार पौधों का दावा किया गया था। रविवार को 6 हजार पौधे लगाए गए। बाकी पौधे बारिश आने के बाद लगाए जाएंगे।
पुराने की जगह नए पौधे लगा रहे हैं
इनर रिंग रोड पर हमने डिवाइडर पर और कि नारों पर पौधे लगाए हैं। पिछले सालों के पौधों की देखरेख की गई है। कई जगह पौधे सूख गए, जहां नए पौधे लगाए जा रहे हैं। हराभरा इनर रिंग रोड तैयार कर रहे हैं। -राजेंद्र पैंसिया, उपाध्यक्ष, एडीए
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