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अहमदाबाद-जयपुर की तर्ज पर ताजनगरी को जल्द मिल सकता है हेरिटेज सिटी का दर्जा, ये होंगे फायदे
Fri, 31 Jan 2020 10:45 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 31 Jan 2020 10:45 AM IST
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
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अहमदाबाद और जयपुर के बाद वर्ल्ड हेरिटेज सिटी (विश्व धरोहर शहर) के रूप में आगरा को जगह दिलाने की कवायद में सेप्ट यूनिवर्सिटी ने चार विकल्प दिए हैं। इनमें यमुना किनारे ताजमहल से 32 खंभा तक मुगलिया रिवर फ्रंट गार्डन एरिया, सिकंदरा के पास, जामा मस्जिद के पास पुराना शहर और शहर के 54 संरक्षित स्मारकों का बफर जोन हेरिटेज सिटी के रूप में बनाने की सिफारिश की गई है।
बैठक में नगर आयुक्त व अन्य अधिकारीगण
- फोटो : अमर उजाला
बृहस्पतिवार को स्मार्ट सिटी कार्यालय में कमिश्नर अनिल कुमार की अध्यक्षता में संबंधित सभी विभागों के साथ बैठक हुई, जिसमें यमुना किनारे ताजमहल से 32 खंभा तक का क्षेत्र हेरिटेज सिटी के लिए मुफीद माना गया। शुक्रवार को प्रदेश के मुख्य सचिव लखनऊ में आगरा को हेरिटेज सिटी बनाने के मसले पर बैठक करने वाले हैं। इस बैठक में फैसला लेने के बाद प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट में अपना रुख स्पष्ट करेगी।
जयपुर के राजा सिंह द्वारा बनवाया गया आगरा का पुराना नक्शा
- फोटो : अमर उजाला
12.38 किमी लंबा होगा रिवरफ्रंट हेरिटेज सिटी
मुगलिया दौर में ताजमहल के पास से रामबाग के आगे 32 खंभा तक यमुना नदी के दोनों ओर मुगलिया बाग बसे हुए थे। मुगल बादशाह बाबर के आगरा आने से लेकर मुगलिया सल्तनत तक रिवरफ्रंट पर दरबारियों की हवेलियां और बाग बने रहे। सभी प्रमुख स्मारक यमुना किनारे ही हैं, जो केंद्र सरकार के भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से संरक्षित हैं।
मुगलिया दौर में ताजमहल के पास से रामबाग के आगे 32 खंभा तक यमुना नदी के दोनों ओर मुगलिया बाग बसे हुए थे। मुगल बादशाह बाबर के आगरा आने से लेकर मुगलिया सल्तनत तक रिवरफ्रंट पर दरबारियों की हवेलियां और बाग बने रहे। सभी प्रमुख स्मारक यमुना किनारे ही हैं, जो केंद्र सरकार के भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से संरक्षित हैं।
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मुगलिया रिवर फ्रंट गार्डन का ऐसा था स्वरूप
- फोटो : आस्ट्रियाई इतिहासकार ईवा कोच
ताजमहल से 32 खंभा तक का क्षेत्र 12.38 किमी लंबा है, जिसे आसानी से हेरिटेज सिटी घोषित किया जा सकता है। दरअसल, यहां एएसआई के संरक्षित स्मारकों के कारण 300 मीटर तक प्रतिबंधित क्षेत्र मौजूद है। यहां निर्माण के लिए एएसआई से अनुमति लेनी होती है। जबकि शहर में किसी नए क्षेत्र में हेरिटेज सिटी बनाने पर कई प्रतिबंधों का सामना करना होगा।
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महताब बाग से ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
तेलंगाना की तर्ज पर बनेगा हेरिटेज प्राधिकरण
यूनेस्को ने अहमदाबाद में चारदीवारी से घिरे पुराने अहमदाबाद को हेरिटेज सिटी का दर्जा दिया है। नगर निगम ने हेरिटेज सेल खोलकर पुराने शहर को संरक्षित करने की नियमावली बनाई है। सेप्ट यूनिवर्सिटी ने आगरा में सिफारिश की है कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी बने जो सभी विभाग काम करे। हेरिटेज सेल बनाने की सिफारिश भी की गई है, लेकिन तेलंगाना मॉडल पर भी विचार किया जा रहा है। तेलंगाना ने धरोहरों को बचाने के लिए तेलंगाना स्टेट हेरिटेज अथारिटी का गठन किया है। आगरा में उसी की तरह प्राधिकरण बनाने के लिए कहा जा सकता है।
यूनेस्को ने अहमदाबाद में चारदीवारी से घिरे पुराने अहमदाबाद को हेरिटेज सिटी का दर्जा दिया है। नगर निगम ने हेरिटेज सेल खोलकर पुराने शहर को संरक्षित करने की नियमावली बनाई है। सेप्ट यूनिवर्सिटी ने आगरा में सिफारिश की है कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी बने जो सभी विभाग काम करे। हेरिटेज सेल बनाने की सिफारिश भी की गई है, लेकिन तेलंगाना मॉडल पर भी विचार किया जा रहा है। तेलंगाना ने धरोहरों को बचाने के लिए तेलंगाना स्टेट हेरिटेज अथारिटी का गठन किया है। आगरा में उसी की तरह प्राधिकरण बनाने के लिए कहा जा सकता है।