{"_id":"5d300e6d8ebc3e6cde2377bd","slug":"agra-student-s-dead-body-brought-from-china-after-16-days","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"चीन से 16 दिन बाद आया बेटे का शव, सरकार से खफा पिता बोले- ऐसा किसी के भी साथ न हो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चीन से 16 दिन बाद आया बेटे का शव, सरकार से खफा पिता बोले- ऐसा किसी के भी साथ न हो
Thu, 18 Jul 2019 03:02 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 18 Jul 2019 03:02 PM IST
विज्ञापन
अमन की मां और बहन (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चीन के मकाऊ में हादसे में मारे गए आगरा के छात्र का शव 16 दिन बाद घर लाया गया तो चीत्कार मच गई। मां का हाल बेहाल हो गया। उन्हें परिजनों ने किसी तरह संभाला। बुधवार को गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। मृतक के पिता ने सिसकते हुए कहा कि जैसा उनके साथ हुआ, वैसा किसी के साथ न हो। सरकार की कोशिश में कमी रही, इसलिए बेटे का शव मिलने में इतने दिन लग गए।
छोटा उखर्रा स्थित अमन का घर
- फोटो : अमर उजाला
सदर क्षेत्र के छोटा उखर्रा निवासी दिनेश उपाध्याय का पुत्र अमन शशि आनंद (24) ने होटल मैनेजमेंट का कोर्स किया था। अमन 19 मई को मकाऊ गया था। वो नौकरी की तलाश में भी था। वहां एक जुलाई को पानी में डूबने से अमन की मौत हो गई थी। इसकी सूचना मिलने के बाद से ही परिजन अमन का शव भारत लगाने के लिए प्रयासरत थे।
अमन शशि आनंद के शोकाकुल परिजन
- फोटो : अमर उजाला
दिनेश उपाध्याय ने बताया कि अमन का शव घर लाने के लिए उन्होंने विदेश मंत्रालय से मदद मांगी थी। मकाऊ में रेस्तरां चलाने वाली अरुणा झा के प्रयास से शव यहां भेजा गया। मगर सरकार की तरफ से कोई पहल नहीं की गई। इसी वजह से देरी हुई। बता दें कि परिजनों ने यह भी आरोप लगाया था कि उनके बेटे का शव भेजने के बदले हांगकांग दूतावास से करीब 9 लाख रुपये मांगे गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमन की मां और परिवार की अन्य महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि मेरे बेटे के साथ हादसा हुआ है लेकिन नौजवान विदेश जाने से न डरें, हादसा किसी के साथ भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि विदेश में रह रहे लोगों के साथ कोई समस्या आए तो उनके साथ खड़ी हो। मृतक छात्र के पिता ने बताया कि बेटा विदेश यात्रा करना चाहता था। वो एक जगह बंधकर अपना जीवन नहीं जीना चाहता था। इसलिए टूरिस्ट वीजा पर मकाऊ गया था। वो उनसे अपनी सारी बातें साझा करता था। वो बेटा ही नहीं, दोस्त भी था।
विज्ञापन
अमन शशि आनंद का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
अमन की बहन अदिति ने बताया कि मकाऊ में रहने वाली भारतीय मूल की अरुणा झा ने उनकी मदद की। उन्होंने उनसे बात करके शव को लाने के लिए सारी औपचारिकताएं पूरी कराईं। मंगलवार रात को 9:15 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर लाया गया। सारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद एक बजे शव उनके सुपुर्द किया गया। इसके बाद वो शव को दिल्ली एयरपोर्ट से आगरा लेकर आए। बुधवार सुबह छह बजे घर आए। इसके बाद गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।