कहा था.....राजा की मंडी स्टेशन पर उतरना लेकिन मौत ने उन्हें कैंट स्टेशन पर ही उतार लिया। यह कहकर धार्मिक यात्रा पर दोस्तों के साथ गए रामअवतार फफककर रोने लगे। रामअवतार को अपनी पत्नी की दवा लेने के लिए राजा की मंडी स्टेशन पर उतरना था, वरना वह भी ऑटो में अपने दोस्तों के साथ होते।
हाथरस के सादाबाद थाना क्षेत्र के धाधऊ गांव निवासी रामअवतार ने बताया कि वह हर वर्ष जनवरी माह में स्वामी हरिहर के साथ जबलपुर में शैलेश्वर धाम की गुफा आश्रम जाते थे। बाकी सातों साथी भी दो-तीन साल में एक बार उनके साथ चले जाते थे।
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अपने दोस्तों बाएं से विजय सिंह, रनवीर, धनप्रसाद, बृजमोहन और उदयवीर सिंह के के साथ रामअवतार (दाएं)
- फोटो : स्वयं
रामअवतार ने बताया कि इस बार उन्होंने जगन्नाथपुरी जाना भी तय किया था। कुछ स्वामी हरिहर आश्रम में ही रह गए थे। बाकी सभी चित्रकूट घूमने के बाद महाकौशल एक्सप्रेस से लौट रहे थे।
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मृतक दंवकीनंदन की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उनकी सीट पीछे के डिब्बे में थी। रात में तय हुआ था कि सभी राजा की मंडी स्टेशन पर उतरेंगे और वहां से गांव जाएंगे। सुबह एक साथी ने कहा कि कैंट से ऑटो आसानी से मिल जाएगा। इसलिए उनके सभी साथी कैंट स्टेशन पर उतर गए।
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मृतक बृजमोहन की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रामअवतार को पत्नी अंगूरी देवी की मदिया कटरा के पास एक अस्पताल से दवा लेनी थी इसलिए वह राजा की मंडी स्टेशन उतरे थे। वह बार-बार रोते हुए कह रहे थे कि अगर सब राजा की मंडी उतरते तो शायद जान बच जाती।
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मृतक रनवीर की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चार महिलाओं का उजड़ गया सुहाग
आगरा के खंदौली में हुए सड़क हादसे में गांव धाधऊ की चार महिलाओं का सुहाग उजड़ गया। इस हादसे में गांव की मधु गौतम (45) के पति बृजमोहन, शरबती देवी (70) के पति रनवीर सिंह, कांता देवी (60) के पति लखमीचंद्र शर्मा व लक्ष्मी देवी (50) के पति देवकीनंदन की मौत हो गई।