आगरा की उटंगन नदी में डूबे सात लोगों को निकालने के लिए पुलिस प्रशासन ने सर्च ऑपरेशन वृहद स्तर पर शुरू कर दिया है। नदी में राजस्थान की तरफ से आ रहे बहाव को रोकने के लिए शनिवार को अस्थायी बांध बनाया गया।
वहीं, इस पानी को डूब क्षेत्र से 10 फीट का नाला बनाकर निकाला जा रहा है जबकि खेरागढ़ की तरफ 250 मीटर की दूरी पर नदी में बैरिकेडिंग लगाकर पानी को रोका जाएगा। इसके बाद पानी निकालकर युवकों को तलाशने की योजना अधिकारियों ने बनाई है। हालांकि देर रात तक कार्य चल रहा था।
2 of 12
आगरा की उटंगन नदी पर बांध बनाते ग्रामीण
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अस्थायी बांध बनाने के लिए कुसियापुर, डूंगरवाला, कैथोली, लालपुर, नगला उदइया, खानपुर, लखनपुरा, कुकुंडई, महमदगढ़, रसूलपुर, चित्रवाला सहित अन्य गांव के 400 से अधिक ग्रामीणों को लगाया गया था। सुबह नौ बजे से ही गांव कुसियापुर के नदी किनारे स्थित श्मशान घाट की तरफ से मिट्टी खोदकर प्लास्टिक के कट्टों में भरी गई।
3 of 12
आगरा की उटंगन नदी के पानी की धारा बदलने के लिए नाला बनाते हुए
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इन कट्टों को ग्रामीणों ने पानी में डालकर बांध बनाया। यह काम शाम तकरीबन 4 बजे तक चलता रहा। बांध बनने से राजस्थान की तरफ से आ रहे पानी के बहाव को रोक दिया गया। उधर दूसरी तरफ डूब क्षेत्र में 10 फीट चौड़ा और 10 फीट गहराई का नाला बनाने का काम शुरू कराया गया। इसके लिए 7 बुलडोजर लगाए गए थे। तेज गति से चले कार्य से शाम 5 बजे तक नाला बनकर तैयार हो गया।
4 of 12
आगरा की उटंगन नदी पर बांध बनाते ग्रामीण
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके बाद 250 मीटर की दूरी पर पानी निकाले जाने काम शुरू किया गया। खेरागढ़ की तरफ से पानी को रोकने के लिए मेट्रो की बैरिकेडिंग मंगवाई गई थी। हालांकि देर रात तक इन्हें नहीं लगाया गया। इसके साथ ही पानी के पंप, नगर निगम के 12 टैंकरों को पानी भरने के लिए मंगवाया था।
5 of 12
नदी में डूबे लोगों की तलाश जारी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कैसे क्या हुआ
बांध बनाया
गांव के पप्पू ने बताया कि पानी में पहले मिट्टी भरकर प्लास्टिक के बैगों में रखा गया। इस कार्य में 400 ग्रामीण लगे थे। दो फीट चौड़ाई और पांच से सात फीट तक गहरा रोका लगाया गया।