मौसम परिवर्तन और सर्दियों के आगमन के साथ-साथ प्रवासी पक्षियों का आगमन शुरू हो गया है। ताजनगरी आगरा में अक्टूबर माह में हुई झमाझम बारिश से विभिन्न वेटलैंड्स पर दलदल और भोजन उपलब्ध होने से प्रवासी पक्षियों का ने डेरा डाल दिया है।
पहले नहीं देखे ऐसे पक्षी
आगरा ग्वालियर रोड स्थित मलपुरा क्षेत्र के गांव बाद एवं खारी नदी के आसपास इन दिनों प्रवासी पंक्षी दिखाई दे रहे हैं, जिसमें शुक्रवार को गांव बाद के नजदीक खेतों में बारिश के बाद प्रवासी पंछियों का एक झुंड उतर गया, जिसमें पंछियों की संख्या लगभग 30 से 35 थी। पक्षियों के इस दल को देखने के लिए किसान और ग्रामीण भी एकत्रित हो गए। ग्रामीण यादव सिंह ने बताया कि पक्षियों का यह झुंड लगभग आधे घंटे तक खेतों में भोजन की तलाश में जुटा रहा। इससे पहले पंक्षी पहले कभी नहीं देखे थे।
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- फोटो : अमर उजाला
सेन्ट्रल एशियन फ्लाईवे से भारत पहुंचता है कुरंजा पक्षी
बीआरडीएस के अध्यक्ष व पक्षी विशेषज्ञ डॉ. के पी सिंह ने बताया कि साइबेरिया, रूस, मंगोलिया और चीन में प्रजनन करने वाला यह पक्षी सर्दियों के प्रवास पर सेन्ट्रल एशियन फ्लाई-वे के रूट से उत्तर भारत के कश्मीर प्रवेश मार्ग व हरियाणा पंजाब प्रवेश मार्ग द्वारा भारत में प्रवेश करता है।
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उन्होंने बताया कि आगरा के चंबल व खारी नदी के क्षेत्र में हर साल कुछ दिनों के लिए रुक कर राजस्थान एवं मध्य प्रदेश पहुंचता है।
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डॉ. के पी सिंह के अनुसार डेमोइसेल क्रेन को हिन्दी में कुरजां पक्षी कहते हैं। यह पक्षी वर्ग के परिवार ग्रुइडे के अंतर्गत वर्गीकृत है जिसका वैज्ञानिक नाम ग्रुस वर्गो है।
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उन्होंने बताया कि राजस्थान के खींचन और ताल छापर में हजारों की संख्या में ये पक्षी प्रवास पर पहुंचते हैं।