आगरा की हवा सोमवार को बेहद जहरीली हो गई। आगरा प्रदूषण के लिहाज से रेड जोन में आ गया। देश के सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों में आगरा सोमवार को तीसरे नंबर पर रहा। सूबे के तीन शहर गाजियाबाद, बुलंदशहर और आगरा देश के सबसे ज्यादा प्रदूषण वाले शहरों की टॉप तीन लिस्ट में आ गए। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी की गई एयर क्वालिटी इंडेक्स सूची में आगरा का एक्यूआई 327 दर्ज किया गया। इस सीजन में सोमवार को सबसे ज्यादा प्रदूषण रहा, जब आंखों में धूल की मात्रा 7 गुना और कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा 34 गुना होने से जलन महसूस होने लगी। ताजनगरी की हवा में सुधार नहीं हो रहा है ये बेहद चिंताजनक हालात हैं। दिवाली से पहले प्रदूषण बढ़ता ही जा रहा है। रविवार को ताजमहल और आवास विकास कॉलोनी के क्षेत्र रेड जोन में रहे। यहां धूल के कणों की मात्रा सामान्य से सात गुना तक ज्यादा रही। ह
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दिवाली से पहले जहरीली हवा: रेड जोन में आगरा, देश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर
Tue, 02 Nov 2021 12:08 AM IST
Abhishek Saxena
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 02 Nov 2021 12:08 AM IST
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आगरा में छाई धुंध
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा मेट्रो का कार्य
- फोटो : अमर उजाला
मेट्रो, स्मार्ट सिटी समेत विभागों को भेजे नोटिस
रेड जोन में आए आगरा में बेहद खतरनाक तरीके से बढ़े पार्टिकुलेट मैटर (पीएम 2.5) को नियंत्रित करने के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने यूपी मेट्रो कारपोरेशन, आगरा स्मार्ट सिटी, आगरा विकास प्राधिकरण और जलनिगम को नोटिस जारी किए हैं।
रेड जोन में आए आगरा में बेहद खतरनाक तरीके से बढ़े पार्टिकुलेट मैटर (पीएम 2.5) को नियंत्रित करने के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने यूपी मेट्रो कारपोरेशन, आगरा स्मार्ट सिटी, आगरा विकास प्राधिकरण और जलनिगम को नोटिस जारी किए हैं।
आगरा में मेट्रो: मेट्रो के लिए होता कार्य
- फोटो : अमर उजाला
बोर्ड ने इन विभागों से खोदाई के दौरान धूल नियंत्रण के उपाय करने और निर्माण के दौरान प्रदूषण नियंत्रण प्रबंधन पर बनी गाइडलाइन का पालन करने के लिए कहा है। बोर्ड ने इसके साथ ही एक्यूआई 300 के पार जाने पर ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान की तर्ज पर बने कॉम्प्रहेंसिव एक्शन प्लान को लागू करने के निर्देश चारों विभागों को दिए हैं।
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आगरा में प्रदूषण
- फोटो : अमर उजाला
शाहजहां पार्क पर 480 पहुंचे पीएम कण
ताजमहल के आसपास प्रदूषण न हो, इसलिए 25 साल पहले सुप्रीम कोर्ट ने ताज के 500 मीटर परिधि में डीजल, पेट्रोल के वाहनों का संचालन पूरी तरह से बंद कर दिया। तब से अब तक ताज के पास प्रदूषण बाकी शहर के मुकाबले बेहतर स्थिति में बना रहा, लेकिन इस साल ताजमहल के पास बेहद हरे-भरे शाहजहां पार्क में प्रदूषण स्तर बेहद खतरनाक स्तर पर जा पहुंचा है। शाहजहां पार्क के एक ओर आगरा स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा पानी की लाइन बिछाने का काम चल रहा है तो दूसरी ओर मेट्रो रेल पीएसी मैदान में निर्माण कार्य करा रहा है। यहां सोमवार को पीएम कणों की मात्रा सामान्य से 8 गुना ज्यादा 480 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर पर रहीं, जबकि दयालबाग और शास्त्रीपुरम जैसे इलाकों में ताज से कम प्रदूषण रहा। इन दोनों ही इलाकों में ताज से कम हरियाली है और वाहनों का आवागमन भी ज्यादा है।
ताजमहल के आसपास प्रदूषण न हो, इसलिए 25 साल पहले सुप्रीम कोर्ट ने ताज के 500 मीटर परिधि में डीजल, पेट्रोल के वाहनों का संचालन पूरी तरह से बंद कर दिया। तब से अब तक ताज के पास प्रदूषण बाकी शहर के मुकाबले बेहतर स्थिति में बना रहा, लेकिन इस साल ताजमहल के पास बेहद हरे-भरे शाहजहां पार्क में प्रदूषण स्तर बेहद खतरनाक स्तर पर जा पहुंचा है। शाहजहां पार्क के एक ओर आगरा स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा पानी की लाइन बिछाने का काम चल रहा है तो दूसरी ओर मेट्रो रेल पीएसी मैदान में निर्माण कार्य करा रहा है। यहां सोमवार को पीएम कणों की मात्रा सामान्य से 8 गुना ज्यादा 480 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर पर रहीं, जबकि दयालबाग और शास्त्रीपुरम जैसे इलाकों में ताज से कम प्रदूषण रहा। इन दोनों ही इलाकों में ताज से कम हरियाली है और वाहनों का आवागमन भी ज्यादा है।
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आगरा में सुबह छाई धुंध
धूल नियंत्रण के उपाय करने का नोटिस
पीएम कणों की मात्रा बेहद ज्यादा है। चारों मॉनीटरिंग स्टेशनों पर प्रदूषण ज्यादा दर्ज किया है। इसलिए निर्माण करने वाली एजेंसियों, यूपी मेट्रो, जलनिगम, स्मार्ट सिटी और एडीए को नोटिस जारी किए गए हैं। धूल नियंत्रण के उपाय करें। बोर्ड निर्माण स्थलों का सर्वे करेगा, जिसके बाद कार्रवाई की जाएगी। - विश्वनाथ शर्मा, प्रभारी क्षेत्रीय अधिकारी, यूपीपीसीबी
पीएम कणों की मात्रा बेहद ज्यादा है। चारों मॉनीटरिंग स्टेशनों पर प्रदूषण ज्यादा दर्ज किया है। इसलिए निर्माण करने वाली एजेंसियों, यूपी मेट्रो, जलनिगम, स्मार्ट सिटी और एडीए को नोटिस जारी किए गए हैं। धूल नियंत्रण के उपाय करें। बोर्ड निर्माण स्थलों का सर्वे करेगा, जिसके बाद कार्रवाई की जाएगी। - विश्वनाथ शर्मा, प्रभारी क्षेत्रीय अधिकारी, यूपीपीसीबी