फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Agra: इमोशनल के साथ मोटिवेशनल भी है एसिड अटैक सर्वाइवर मां-बेटी की कहानी, मेलबर्न फिल्म फेस्टिवल में डॉक्यूमेंट्री होगी प्रदर्शित

Fri, 01 Jul 2022 10:41 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 01 Jul 2022 10:41 AM IST
Agra Acid Attack Survivor Mother-daughter Story Screened At Melbourne Film Festival
ऑस्ट्रेलिया के एनओजी ने बनाई मां-बेटी पर डॉक्यूमेंट्री - फोटो : अमर उजाला

ताज नगरी के शीरोज हैंगआउट कैफे में काम करने वाली एसिड अटैक सर्वाइवर मां-बेटी की कहानी पूरी दुनिया देखेगी। ऑस्ट्रेलिया के फिल्ममेकर एम्मा मैसी ने एक डॉक्यूमेंट्री बनाई है जिसका नाम गीता है...। डॉक्यूमेंट्री की कहानी इमोशनल के साथ-साथ मोटिवेशनल भी है। यह ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में आयोजित होने वाले फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित होगी। 



1992 में शाहंगज निवासी इंद्रजीत ने गुस्से में पत्नी गीता पर तेजाब डाल दिया था। हमले में तीन साल की बेटी नीतू और डेढ़ साल की कृष्णा भी झुलस गई। नीतू का पूरा चेहरा खराब हो गया, आंखों की रोशनी भी नहीं के बराबर है। वहीं डेढ़ साल की मासूम ने दो महीने बाद दम तोड़ दिया था। गीता ने बताया कि पति ने बेटियां पैदा होने से ऐसा किया। इससे उनका और बेटियों का जीवन बर्बाद हो गया। इसके बाद गीता ने जीवन में तमाम संघर्षों का सामना किया और बेटी को पाला। इसी बीच वह एसिड अटैक सर्वाइवर के लिए काम करने वाले छांव फाउंडेशन से जुड़ गईं। 

Agra Acid Attack Survivor Mother-daughter Story Screened At Melbourne Film Festival
गीता - फोटो : अमर उजाला

जीवन की पूरी कहानी

गीता ने बताया कि लगभग दो घंटे की इस डॉक्यूमेंट्री में उनके जीवन की पूरी कहानी है। साथ ही बेटी नीतू को हुई तमाम परेशानियों का भी जिक्र है। बचपन में सर्जरी के दौरान उसने कैसे दर्द झेला, इसके बाद क्या-क्या मुश्किलें आईं, इस दर्द को बारीकी से दिखाया गया है।

Agra Acid Attack Survivor Mother-daughter Story Screened At Melbourne Film Festival
नीतू - फोटो : अमर उजाला

भेदभाव का करना पड़ा सामना

गीता ने बताया कि एसिड अटैक के बाद जीवन पूरी तरह से बदल गया। रिश्तेदारों ने किनारा कर लिया। पहले तो खाने के लिए ही दिक्कत थी। इसके बाद लोग चेहरा देखकर भेदभाव करने लगे। लोग हमें अपने साथ खड़ा तक नहीं होने देते थे। शुरू में जब लोगों को व्यवहार देखते तो रोना आता लेकिन एक समय के बाद इसकी आदत हो गई। 
विज्ञापन
Agra Acid Attack Survivor Mother-daughter Story Screened At Melbourne Film Festival
शीरोज हैंगआउट कैफे - फोटो : SELF

पति ने दोबारा अटैक की दी थी धमकी

गीता ने बताया कि एसिड अटैक के बाद पति को जेल भेज दिया गया। कुछ महीने बाद पति की जेल से चिट्ठी आई और उसने कहा कि गलती हो गई। उसे माफ कर दे और जेल से बाहर निकलवा ले। चिट्ठी का जबाव नहीं दिया तो कुछ दिनों बाद दोबारा चिट्ठी आई और उसमें पति ने लिखा था कि अगर जेल से बाहर नहीं निकाला तो मौका मिलने पर वह दोबारा हमला कर सकता है। डर और सामाजिक दबाव के कारण पति को माफ किया। आज वह बेटी के कहने पर हमारे साथ ही रहता है।  
Agra Acid Attack Survivor Mother-daughter Story Screened At Melbourne Film Festival
शीरोज हैंगआउट कैफे - फोटो : Wittyfeed

शीरोज हैंगआउट कैफे में करती हैं काम

गीता व उनकी बेटी वर्तमान में शहर में एसिड पीड़िताओं के लिए संचालित शीरोज हैंगआउट कैफे में काम करती हैं। कैफे में कुल 10 सर्वाइवर हैं जो इसे चलाती हैं। यहां शहर के लोगों के अलावा विदेशी पर्यटक भी आते हैं और इन सर्वाइवरों का हौसला बढ़ाते हैं।
अगली फोटो गैलरी देखें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed