आंखें नहीं, बिना आरक्षण उमेश ने रच दिया इतिहास
आंखें नहीं फिर भी ऐसा मुकाम हासिल किया कि सबके लिए मिसाल बन गया उमेश। मन की आंखों से दृष्टिहीन उमेश ने इतिहास रच दिया। रिपोर्ट: नरेंद्र एस कंवर, फोटो: नरेश भारद्वाज
आंखें नहीं, बिना आरक्षण उमेश ने रच दिया इतिहास
हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी के दृष्टिहीन छात्र उमेश लुबाना ने दिसंबर 2014 में नेट की परीक्षा पास करने के बाद इस बार यूजीसी की जेआरएफ परीक्षा ओपन कैटेगरी में भी इतिहास रचा है। एचपीयू के इतिहास में अब तक किसी दृष्टिहीन छात्र ने यह परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की थी। राजनीति शास्त्र विषय में लुबाना ने 63.43 अंकों के साथ जेआरएफ परीक्षा पास की है।
आंखें नहीं, बिना आरक्षण उमेश ने रच दिया इतिहास
पीजी कर रहे लुबाना की डिग्री पूरी होते ही उनको पीएचडी में सीधा प्रवेश मिल जाएगा। उमेश की इस उपलब्धि पर विवि के राजनीति विभाग में वीरवार को जश्न मनाया गया। उमंग फाउंडेशन की तरफ से करवाए गए जश्न में राजनीति शास्त्र विभागाध्यक्ष सहित शोध छात्रों और उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव मौजूद रहे।
आंखें नहीं, बिना आरक्षण उमेश ने रच दिया इतिहास
आंखों की रोशनी न होने के बावजूद लुबाना ने महज 22 साल की उम्र में इतिहास रचा है।
आंखें नहीं, बिना आरक्षण उमेश ने रच दिया इतिहास
उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव ने कहा कि विभागाध्यक्ष प्रो. रमेश चौहान ने उमेश लुबाना को मिठाई खिला कर बधाई दी। प्रो. रमेश चौहान ने उमेश लुबाना की तारीफ की।