हिमाचल के जिला ऊना में दर्दनाक हादसा पेश आया है। यहां चितंपूर्णी क्षेत्र के निकटवर्ती गांव बेहड़-भटेड़ में चढ़ाई पर ईंटों से लदा एक टिप्पर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने आंगनबाड़ी केंद्र में जा घुसा। हादसे में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका मलबे के नीचे दब गईं।
मलबे में फंसी दोनों महिलाओं की चीखो पुकार सुनकर आसपास के लोग तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। लोगों ने टिप्पर की टक्कर से गिरी आंगनबाड़ी केंद्र की दीवार के मलबे में फंसी दोनों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बाहर निकाला।
गनीमत यह रही कि उस समय आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चे दूसरी तरफ बरामदे में बैठे थे। आंगनबाड़ी केंद्र की दीवार गिरने से कार्यकर्ता रेखा (37) और सहायिका बिमला (55) को चोटें आई हैं। लोगों ने बिना देर किए मलबा हटाकर दोनों महिलाओं को सकुशल मलबे से बाहर निकाला। घायल दोनों महिलाओं को 108 एंबुलेंस में सिविल अस्पताल चिंतपूर्णी पहुंचाया गया।
टिप्पर के पीछे एक कार भी चल रही थी जो बाल-बाल बची। कार चालक अजय कुमार ने बताया कि अगर वह जल्दी से कार पीछे न करता तो वह भी टिप्पर की चपेट में आ सकता था। बताया जा रहा है कि टिप्पर दौलतपुर से ईंटें लेकर जोड़बड़ की ओर जा रहा था।
बेहड़ भटेड़ स्कूल के पास चढ़ाई में अनियंत्रित होकर आंगनबाड़ी केंद्र में घुस गया। आंगनबाड़ी केंद्र की दीवार गिरने से दो कार्यकर्ता मलबे के नीचे दब गईं। हादसे के बाद टिप्पर चालक मौके से गायब था।