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Shimla News: चमियाना अस्पताल में यूरिन, ब्लड व बोडी फ्लूड्स सीएस की रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार
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रिपोर्ट में देरी होने से मरीजों को उपचार करवाने में आ रही दिक्कत
यूरोलॉजी समेत अन्य विभागों से लिखे जाते हैं कल्चर टेस्ट
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना में मरीजों को यूरिन, ब्लड और बॉडी फ्लूइड्स सीएच टेस्ट की रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। अस्पताल में मरीजों को तीन से सात दिन बाद रिपोर्ट मिल रही है। वहीं, बाहरी लैब में मरीजों को टेस्ट की रिपोर्ट दो दिन में मिल जाती है। रिपोर्ट के देरी से मिलने से मरीजों का उपचार भी देरी से शुरू हो रहा है। इससे मरीजों को काफी दिक्कतें पेश आ रही हैं।
वहीं, उपचार में जल्दी के लिए मरीज निजी लैब में टेस्ट करवाने के लिए निजी लैब के चक्कर काटने पर मजबूर होना पड़ता है। जो मरीज अस्पताल में टेस्ट करवाते हैं उन्हें बार-बार चक्कर काटने पड़ते हैं। इन टेस्ट की बाहरी लैब में मरीजों को मोटी रकम खर्च करनी पड़ रही है जबकि अस्पताल में उपचार निशुल्क होता है। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन की ओर से टेस्ट की रिपोर्ट देरी से आने के चलते मरीजों की आसानी के लिए सूचना भी चस्पां कर दी है लेकिन दूरदराज क्षेत्र से आने वाले मरीजों को काफी परेशानी हो रही है। ऐसे में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की सेवाओं पर सवाल भी खड़े हो रहे हैं।
गौर रहे कि चमियाना में अस्पताल के यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी समेत विभिन्न विभाग है। यहां पर रोजाना अब 1000 से ज्यादा ओपीडी है। ऐसे में मरीजों की जांच के लिए कल्चर टेस्ट लिखे जाते हैं। ये टेस्ट बैक्टीरिया और संक्रमण की सही स्थिति का पता लगाने तथा सटीक दवा चुनने के लिए बेहद जरूरी होते हैं। हालांकि, रिपोर्ट में हफ्ते भर का समय लगने के कारण मरीजों को या तो दर्द और परेशानी में इंतजार करना पड़ता है। मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन से मांग की है कि जल्द रिपोर्ट दी जाए ताकि मरीजों का समय पर उपचार शुरू किया जा सके। उधर, प्राचार्य डॉ. बृज शर्मा ने बताया कि अस्पताल में टेस्ट हो रहे हैं। सभी को उसी दिन भी रिपोर्ट दी जा रही है। इसके बारे में जानकारी ली जाएगी।
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यूरोलॉजी समेत अन्य विभागों से लिखे जाते हैं कल्चर टेस्ट
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना में मरीजों को यूरिन, ब्लड और बॉडी फ्लूइड्स सीएच टेस्ट की रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। अस्पताल में मरीजों को तीन से सात दिन बाद रिपोर्ट मिल रही है। वहीं, बाहरी लैब में मरीजों को टेस्ट की रिपोर्ट दो दिन में मिल जाती है। रिपोर्ट के देरी से मिलने से मरीजों का उपचार भी देरी से शुरू हो रहा है। इससे मरीजों को काफी दिक्कतें पेश आ रही हैं।
वहीं, उपचार में जल्दी के लिए मरीज निजी लैब में टेस्ट करवाने के लिए निजी लैब के चक्कर काटने पर मजबूर होना पड़ता है। जो मरीज अस्पताल में टेस्ट करवाते हैं उन्हें बार-बार चक्कर काटने पड़ते हैं। इन टेस्ट की बाहरी लैब में मरीजों को मोटी रकम खर्च करनी पड़ रही है जबकि अस्पताल में उपचार निशुल्क होता है। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन की ओर से टेस्ट की रिपोर्ट देरी से आने के चलते मरीजों की आसानी के लिए सूचना भी चस्पां कर दी है लेकिन दूरदराज क्षेत्र से आने वाले मरीजों को काफी परेशानी हो रही है। ऐसे में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की सेवाओं पर सवाल भी खड़े हो रहे हैं।
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गौर रहे कि चमियाना में अस्पताल के यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी समेत विभिन्न विभाग है। यहां पर रोजाना अब 1000 से ज्यादा ओपीडी है। ऐसे में मरीजों की जांच के लिए कल्चर टेस्ट लिखे जाते हैं। ये टेस्ट बैक्टीरिया और संक्रमण की सही स्थिति का पता लगाने तथा सटीक दवा चुनने के लिए बेहद जरूरी होते हैं। हालांकि, रिपोर्ट में हफ्ते भर का समय लगने के कारण मरीजों को या तो दर्द और परेशानी में इंतजार करना पड़ता है। मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन से मांग की है कि जल्द रिपोर्ट दी जाए ताकि मरीजों का समय पर उपचार शुरू किया जा सके। उधर, प्राचार्य डॉ. बृज शर्मा ने बताया कि अस्पताल में टेस्ट हो रहे हैं। सभी को उसी दिन भी रिपोर्ट दी जा रही है। इसके बारे में जानकारी ली जाएगी।
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