हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में बीते दिनों हुई बर्फबारी के बाद पहाड़ों की रानी में बर्फ के दीदार के लिए सैलानी उमड़ने लगे हैं। बुधवार को बड़ी संख्या में सैलानी शिमला पहुंचे। इस दौरान सैलानियों ने ऐतिहासिक मालरोड, रिज मैदान बर्फ में खूब मस्ती की। सैलानी एक-दूसरे पर बर्फ के गोले फेंकते नजर आए। साथ ही बर्फ में फोटो भी खिंचवाईं। सैलानियों ने रिज पर घुड़सवारी का भी आनंद लिया। वहीं, दूसरी तरफ शिमला-रामपुर राष्ट्रीय मार्ग पर सड़क के किनारे खड़ी गाड़ियां ट्रैफिक जाम का कारण बन रही है।
शिमला: बर्फ के दीदार के लिए पहाड़ों की रानी में उमड़े सैलानी, जमकर की मस्ती
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पुलिस प्रशासन का दावा है कि शहर से बाहर कुफरी और छराबड़ा में 24 घंटे पुलिस की तैनाती की गई है ताकि रात के समय कोई गाड़ी फंस जाए तो उसे निकाला जा सके। शहर के सुर्कलर रोड की जिम्मेदारी संबंधित थानों की है। उधर, बुधवार को उपायुक्त और एसडीएम ग्रामीण ने शिमला रामपुर राष्ट्रीय मार्ग का निरीक्षण किया। यातायात व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए बर्फ को किनारे से हटाने के निर्देश दिए।
सड़क के किनारे गाड़ियां खड़ी करने पर पाबंदी लगाने को कहा गया ताकि ट्रैफिक न रुके। उधर, एसपी शिमला मोनिका भटुगुंरू ने कहा कि पुलिस रात दिन काम कर रही है। बर्फ में फंस रही पर्यटकों की गाड़ियों को धक्का लगाकर निकाल भी रही है। लोगों की किसी तरह की कोई दिक्कत न हो इसके लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। उपायुक्त आदित्य नेगी ने कहा कि मंगलवार से ही परिवहन व्यवस्था सुचारू हो गई। मंगलवार रात पड़ी बर्फ को भी हटा कर फिर से ट्रैफिक सुचारू कर दिया गया है।
वहीं, कोरोना के बढ़ते मामलों का पर्यटन कारोबार पर एक बार फिर असर पड़ना शुरू हो गया है। शिमला में होटलों के कमरों की अग्रिम बुकिंग रद्द हो रही है। शिमला के पर्यटन कारोबारियों को लगातार तीसरे साल नुकसान का डर सता रहा है। टूरिज्म इंडस्ट्री स्टेक होल्डर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहिंद्र सेठ ने कहा कि कोरोना की मार पड़ने से होटल कारोबारियों को बिजली-पानी के बिल और कर्मचारियों का वेतन निकालना भी मुश्किल हो रहा है।
बीते दो सालों से शिमला में गर्मियों का पर्यटन सीजन बुरी तरह पिट चुका है। इस साल सर्दियों के सीजन में नुकसान झेलने के बाद पर्यटन कारोबारी नुकसान से उबरने की स्थिति में नहीं आ सकेंगे। मोहिंद्र सेठ ने बताया कि हिमाचल सहित अन्य पड़ोसी राज्यों में कोरोना के मामले बढ़ने के बाद लग रही बंदिशों के चलते पर्यटन उद्योग प्रभावित हो रहा है। रात्रि कर्फ्यू के कारण सैलानी असहज महसूस कर रहे हैं। सप्ताह अंत का कर्फ्यू लग जाता है तो वीकेंड टूरिज्म पूरी तरह खत्म हो जाएगा। इस साल पर्यटन कारोबारी समय से बर्फ पड़ने के चलते अच्छे सीजन की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन कोरोना बंदिशों से नुकसान का डर सताने लगा है। शहर के होटलों में ऑक्यूपेंसी भी 80 से गिर कर 50 से 60 फीसदी रह गई है।