देश-विदेश से सैर सपाटे को पहुंच रहे सैलानियों के लिए एक और राहत की खबर है। अब पर्यटक जनजातीय क्षेत्र लाहौल की बर्फ से लकदक वादियों को भी निहार सकेंगे। इसके लिए सैलानियों को एसडीएम मनाली के कार्यालय से परमिट जारी किए जाएंगे।
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लाहौल-रोहतांग की वादियां
- फोटो : अमर उजाला
पर्यटकों के लिए लाहौल बहाल होने से पर्यटन कारोबारियों में खुशी की लहर है। 13050 फीट ऊंचे रोहतांग दर्रा से होते हुए सैलानी बेरोक टोक लाहौल के कोकसर से ही बर्फ का दीदार करते हुए जिला मुख्यालय केलांग तक पहुंच सकते हैं।
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लाहौल-रोहतांग की वादियां
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सफर के दौरान वाहन सड़क के दोनों तरफ 15 से 20 फीट ऊंची बर्फ की दीवार के बीच से गुजरेंगे। जो अपने आप में रोमांचित करना वाला है। 15,500 फीट से अधिक ऊंचाई वाले बारालाचा पास को भी पर्यटक देख सकेंगे।
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लाहौल-रोहतांग की वादियां
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एसडीएम मनाली ने शुक्रवार से रोहतांग से आगे की परमिट की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अनियमितता को रोकने के लिए मनाली प्रशासन ने सख्ती की है। लाहौल आने वाले पर्यटक होटल, होमस्टे और कैंपिंग के बुकिंग बाउचर अथवा सरकारी विश्राम गृह की बुकिंग स्लिप दिखाकर परमिट हासिल कर सकते हैं।
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लाहौल-रोहतांग की वादियां
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परमिट हासिल करने के लिए वाहन की आरसी, प्रदूषण बोर्ड का सर्टिफिकेट, ड्राइविंग लाइसेंस की कॉपी जमा करनी होंगे। बारालाचा में अधिक समय तक बर्फ देखने का मौका मिलेगा। उधर, उदयपुर उपमंडल के त्रिलोकीनाथ में बौद्ध और हिंदू समुदाय के भगवान अवलोकितेश्वर के दर्शन कर सकते हैं।