हिमाचल प्रदेश के रसोई गैस उपभोक्ताओं पर नवंबर महीना शुरू होते ही दिवाली बम फट गया है। त्योहारी सीजन में घरेलू गैस सिलिंडर के दाम एक हजार रुपये पार गए हैं। पहली नवंबर से प्रदेश में सब्सिडी वाला गैस सिलिंडर पांच रुपये और नॉन सब्सिडी वाला सिलिंडर 60 रुपये महंगा हो गया है। नवंबर महीने में होम डिलीवरी के साथ घरेलू गैस सिलिंडर लेने के लिए उपभोक्ताओं को 1032 रुपये चुकाने होंगे। डीबीटीएल से जुड़े उपभोक्ताओं के बैंक खाते में केंद्र सरकार 470 रुपये की सब्सिडी लौटाएगी। उधर, व्यावसायिक गैस सिलिंडर के दाम 95 रुपये बढे़ हैं।
इस माह व्यवसायिक उपभोक्ताओं को सिलिंडर लेने के लिए 1687 रुपये देने पड़ेंगे। इन उपभोक्ताओं को 100 रुपये के डिलीवरी चार्जिस अतिरिक्त देने होंगे। पहली नवंबर से पूरे प्रदेश में गैस सिलिंडरों के नए दाम लागू हो गए हैं। हिमाचल प्रदेश में पहली बार सब्सिडी वाले घरेलू गैस सिलिंडर का होम डिलीवरी के साथ एक हजार रुपये पार गया है। नवंबर महीने में उपभोक्ताओं को घरेलू गैस सिलिंडर लेने के लिए 982.50 रुपये चुकाने होंगे।
उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी के 50 रुपये अलग से देने होंगे। नवंबर में राजधानी शिमला सहित अन्य शहरों के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को कुल 1032 रुपये देने पड़ेंगे। प्रदेश में नॉन सब्सिडी वाला रसोई गैस सिलिंडर नवंबर महीने में 60.50 रुपये महंगा हुआ है। पहल योजना (डीबीटीएल) से जुड़ चुके उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार 470 रुपये की सब्सिडी बैंक खाते में लौटाएगी।
गैस कनेक्शन को आधार कार्ड से लिंक नहीं करने वाले उपभोक्ताओं को गैस सिलिंडर के पूरे दाम चुकाने होंगे। ऐसे उपभोक्ताओं को सब्सिडी नहीं मिलेगी। अप्रैल 2018 से मार्च 2019 तक घरेलू उपभोक्ताओं को सब्सिडी कोटे के तहत 12 गैस सिलिंडर मिलेंगे। सब्सिडी कोटे के सिलेंडर समाप्त करने पर बाजार कीमत देनी होगी।
अक्तूबर महीने में घरेलू गैस सिलिंडर के दाम 922 रुपये थे। उपभोक्ताओं को 415 रुपये की सब्सिडी लौटाई गई थी। सितंबर महीने में घरेलू गैस सिलिंडर के दाम 863.50 रुपये थे। उपभोक्ताओं को 360 रुपये की सब्सिडी बैंक खाते में लौटाई गई थी। अगस्त में घरेलू गैस सिलिंडर के दाम 833 रुपये थे। 331 रुपये की सब्सिडी उपभोक्ताओं को वापस लौटाई गई थी।