इन दिनों देवभूमि के नजारे देखने लायक हैं। ताजा बर्फबारी से झीलों ने भी चांदी की सफेद चादर ओढ़ ली है। मनाली, कुल्लू, शिमला और चंबा में पर्यटक मस्ती करने पहुंच रहे हैं। तस्वीर में मंडी की पराशर झील का नजारा।
एहतियात के तौर अभी प्रशासन द्वारा सोलंगनाला को पर्यटकों की आवाजाही के लिए नहीं खोला है, लेकिन पहाड़ों में हुई ताजा बर्फबारी से मनाली का पर्यटन कारोबार में भी पंख लग गए है। 11 दिसंबर से कुल्लू-मनाली की पहाडिय़ों में हो रही बर्फबारी की सूचना पाकर देशभर के पर्यटकों की भीड़ उमडने लगी है।
तीन दिनों में ही बर्फ के दीदार के लिए पर्यटकों की संख्या 15 फीसदी से बढ़कर दोगुनी 30 फीसदी पहुंच गई है। वहीं ऑन लाइन बुकिंग ने भी तेजी पकड़ ली है। कुल्लू, मनाली, ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क के साथ सोझा व जलोड़ी दर्रा में हुई बर्फ विंटर सीजन को पंख लगाएगी। एक ओर बर्फ से लकदक वादियां जहां पर्यटकों के लिए आकर्षक का केंद्र बन गई है तो वहीं सोलंगनाला, गुलाबा, मढ़ी, बाहंग और कोठी में बिछी बर्फ की चादर से कारोबारियों के चेहरे खिल गए हैं। तस्वीर में मिनी स्विट्जरलैंड कहे जाने वाले खजियार का नजारा।
होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र ठाकुर, विवेक कूपर, राजेश कुमार तथा मोहर सिंह ने कहा कि 11 दिसंबर को हुई बर्फबारी के बाद होटलों के कमरों की अक्यूपेंसी 30 प्रतिशत तक पहुंच गई है। क्रिसमस और नववर्ष के लिए भी ऑन लाइन बुकिंग में इजाफा होने लगा है। होटल एसोसिएशन मनाली के अध्यक्ष गजेंद्र ठाकुर ने कहा कि पर्यटकों को ठहरने की पूरी व्यवस्था है। पर्यटकों को किसी तरह की समस्या नहीं आने दी जाएगी। कएसडीएम मनाली एचआर बेरवा ने कहा कि रोड के बहाल होते ही मौसम को भांप कर पर्यटकों को सोलंगनाला भेजा जाएगा।
एनजीटी द्वारा गत दिनों मनाली के 1700 होटलों की जांच के लिए गठित कमेटी के बाद पर्यटन कारोबार एकाएक धड़ाम हो गया था। इसका असर ऑनलाइन बुकिंग पर भी पड़ गया था और 30 फीसदी तक बुकिंग में गिरावट आ गई थी। गजेंद्र ठाकुर ने कहा कि मनाली के पर्यटन को कोई समस्या नहीं है इसको लेकर ट्रेवल एजेंटों द्वारा पर्यटकों को अवगत करवाया जा रहा है।