जिस्मफरोशी के काले कारोबार से मनाली के पर्यटन व्यवसाय को ग्रहण लगने लगा है। इससे कुल्लू-मनाली की समृद्ध संस्कृति भी कलंकित होने लगी है। कुछ माह पहले पुलिस ने मनाली में अफ्रीकी मूल के सरगना समेत सेक्स रैकेट से जुड़े आधा दर्जन मामलों का भंडाफोड़ किया जा चुका है। इसके बावजूद यह धंधा फल फूल रहा है। आलम यह है कि इस रैकेट के सदस्यों की संदिग्ध गतिविधियों के चलते स्थानीय महिलाओं का बाहर निकलना भी दूभर होने लगा है।
गौरतलब है कि बीते साल अप्रैल 2018 में भी मनाली में एक सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ हुआ था। दिल्ली से बहला-फुसलाकर लाई गई एक नाबालिग से पहले तो दुराचार किया गया था और बाद में उसे देह व्यापार के धंधे में धकेल दिया गया था। 16 वर्षीय पीड़िता चाइल्ड लाइन के सहयोग से पुलिस के पास पहुंची थी।
वहीं सितंबर 2017 में मनाली में पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया था। सूचना के बाद जाल बिछाकर पुलिस होटल में ग्राहक बनकर पहुंची थी। सौदा तय हुआ और पुलिस ने होटल से दो दलाल और तीन विदेशी महिलाओं को दबोच लिया था। इस दौरान दो विदेशी महिलाओं को रेस्क्यू किया गया था। इन्हें जबरदस्ती इस धंधे में धकेला गया था। उनसे जिस्मफरोशी का धंधा करवाकर मोटी कमीशन ऐंठ रही एक विदेशी महिला और दो दलालों को होटल से पुलिस ने पकड़ा था।
ताजा मामले में स्थानीय महिलाओं की पहल पर पुलिस ने एक होटल से जिस्मफरोशी के धंधे में लिप्त बताई जा रहीं नौ महिलाओं और दो पुरुषों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी बाहरी राज्यों से हैं। पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है। इससे पूर्व स्थानीय महिलाओं ने विभिन्न संगठनों के साथ एक बैठक कर मनाली में देह व्यापार और चिट्टे के कारोबार पर नकेल लगाने पर मंथन किया था। बैठक में बताया गया कि मनाली के मालरोड पर जिस्म फरोशी का धंधा चल रहा है जिससे स्थानीय व पर्यटक युवतियों और महिलाओं से छेड़खानी की घटनाएं बढ़ रही हैं।
महिलाओं का कहना है कि पुख्ता सबूत उनके पास हैं। इस धंधे से जुड़े लोग और उन्हें शेल्टर देने वाले नहीं सुधरे तो उनके फोटो व वीडियो जारी कर दिए जाएंगे। महिलाओं ने मनाली में गैरकानूनी तौर पर चल रहे डिस्कोथेक तत्काल बंद करने की मांग की है। उनका कहना है कि कुछ डिस्कोथेक जिस्मफरोशी और नशे के केंद्र बन गए हैं। वहीं, थाना प्रभारी मनाली मोहन रावत के मुताबिक गिरफ्तार सभी लोग बाहरी राज्यों से हैं। मामले की छानबीन चल रही है।