व्हाट्सऐप से चल रहा था सेक्स रैकेट, पुलिस ने किया पर्दाफाश
जिस्म की मंडी में हुस्न के हिसाब से एक रात की बोली लगती है। एजेंट ग्राहकों को व्हाट्सऐप से खूबसूरत कॉल गर्ल के फोटो भेजते हैं। किसी एक के चुनने के बाद पैसों को लेकर मोल भाव होता है। शिमला में पकड़े गए सेक्स रैकेट ने पूछताछ के दौरान कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। आइए जानते हैं..
व्हाट्सऐप से चल रहा था सेक्स रैकेट, पुलिस ने किया पर्दाफाश
रैकेट के सदस्य कॉल गर्ल की फोटो व्हाट्सऐप के जरिये कस्टमर तक भेजते थे। कॉल गर्ल की खूबसूरती के हिसाब से पैसों का भुगतान किया जाता। काल गर्ल सौंपने से पहले पूरी रकम पहले ही ले ली जाती। एजेंट होटल के बाहर कॉल गर्ल को लग्जरी गाड़ी में छोड़ कर चला जाता और सुबह उसे तय समय में लेने आता। शिमला पुलिस फुल प्रूफ प्लानिंग के बाद ही इस हाईप्रोफाइल रैकेट को पर्दाफाश करने में कामयाब रही।
व्हाट्सऐप से चल रहा था सेक्स रैकेट, पुलिस ने किया पर्दाफाश
पुलिस पूछताछ में एजेंट ने खुलासा किया कि इस एसकोर्ट सर्विस
को चलाने वाला वह अकेला नहीं है। एक महिला भी उसके साथ है जो उसे लड़कियां
देती हैं। महिला ने अपना ठिकाना चंडीगढ़ में बना रखा है। पर्यटक सीजन में ही यह शिमला
में सक्रिय हो जाते हैं। इंटरनेट के जरिये इन्हें कॉल गर्ल की डिमांड आती
है। एजेंट लड़कियों को लेकर शिमला आता है। इन लड़कियों को शहर के अलग अलग
होटल में ठहराया गया। खुद एजेंट दीपक सैणी उर्फ कुनाल कच्ची घाटी में स्थित
एक होटल में ठहरता है।
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एसकोर्ट एजेंसी पूरी छानबीन करने के बाद ही
किसी कस्टमर के पास कॉल गर्ल भेजते हैं। केवल हिमाचल के बाहर से आए लोगों
को ही कॉल गर्ल मुहैया करवाते हैं। सबसे पहले वह कस्टमर के मोबाइल नंबर से
यह पता लगाते हैं कि यह नंबर हिमाचल का है या फिर बाहर का। हिमाचल का होने
पर यह मना कर देते हैं अगर बाहर का नंबर है तो कॉल गर्ल भेजने की बात करते
हैं।
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पुलिस के डर से एसकोर्ट एजेंसी अपनी ओर से फुल प्रूफ सावधानी बरती है। सबसे पहले कस्टमर से पूछते हैं आप जिस होटल में ठहरे हैं उसका नाम बताओ, नाम बताने के बाद एजेंट उसका रूम नंबर पूछता है। इसके बाद एजेंट कस्टमर से उस होटल का मेन्यू व्हाट्स ऐप के जरिये भेजने के लिए कहता है।