शिमला जिले की जांगला उप तहसील के शेरीबासा गांव में भीषण अग्निकांड सात परिवारों को उम्र भर के जख्म दे गया। सालों की मेहनत से तैयार घर उनकी आंखों के सामने चंद मिनटों में ही राख में बदल गए। प्रभावित परिवार गहरे सदमे में हैं।
जांगला पंचायत के सेरीबासी गांव में शार्ट सर्किट से भड़की आग ने तीन घरों के सात परिवारों को बेघर कर दिया है। कड़ाके की ठंड में परिवारों के सिर से छत छिन गई है। तन पर जो कपड़े थे, इन परिवार के सदस्यों के पास वही बचे हैं। मंगलवार को जले घरों को देखकर इनके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
बताया जा रहा है कि सेरीबासा गांव में मंगत राम का परिवार दिन भर की थकावट के बाद चूल्हे के सामने रात के भोजन की तैयारी में था। जैसे ही बल्ब जलाया, साथ वाले कमरे में जोरदार धमाका हुआ और आग भड़क गई। आग लगते ही सभी बाहर की तरफ दौड़े।
कुछ ही पलों में आग ने पूरे घर को चपेट में ले लिया। इससे पहले ग्रामीण कुछ कर पाते आग साथ लगते दो घरों में भी फैल गई। आसपास के लोगों ने आग पर काबू करने के लिए पावर स्प्रेयर और पानी ढोकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया लेकिन आग ने तीन घरों को राख में तबदील कर दिया। आधी रात तक गांव में अफरातफरी का माहौल रहा।
आग की सूचना मिलने पर रोहडू से दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। घर सड़क से दूर होने के कारण टीम को पाइप बिछाने में ही काफी समय लग गया। जब तक पाइपें ऊपर तक पहुंची, तीन मकान राख हो चुके थे। हालांकि, टीम ने आसपास के घरों को आग की चपेट में आने से बचा लिया। रात करीब दो बजे आग पर काबू पाया गया।