हिमाचल प्रदेश की राजधानी में मंगलवार रात और बुधवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश से भारी नुकसान हुआ है। शहर में कई जगह भूस्खलन और नालों का मलबा सड़कों पर आने से आठ गाड़ियां दब गईं। कई जगह सड़कों का पानी दुकानों और घरों में घुस गया। शहर में बुधवार सुबह नगर निगम और लोक निर्माण विभाग की आधा दर्जन सड़कें बंद रहीं। भारी बारिश से ढली और चमयाणा क्षेत्र में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।
Heavy Rainfall Shimla: शिमला में भारी बारिश से जगह-जगह भूस्खलन, मलबे में दबीं आठ गाड़ियां, देखें तस्वीरें
नालों में अवैध डंपिंग से भी उनकी जमीनों को नुकसान पहुंचा है। चमयाणा सड़क पर पुल न बनाने को लेकर लोक निर्माण विभाग पर सवाल उठाए। बोले कि ठेकेदार एक साल से काम नहीं कर रहा।
ढली टनल के पास भूस्खलन होने से एक वैन और एक कार को नुकसान पहुंचा है। चूरट रोड पर भी नाले के मलबे में दो गाड़ियां दब गईं। इनमें एक नगर निगम की गाड़ी है जो यहां रात को सड़क किनारे पार्क थी।
हाउसिंग बोर्ड कालोनी सांगटी में दो पेड़ और मलबा आने से सड़क बंद रही। शहर में भी जगह-जगह नालों का मलबा सड़क पर आने से यातायात बाधित रहा। कुफ्टाधार में नाले का मलबा रास्ते पर आने से आवाजाही बाधित रही। कृष्णानगर में भी डंगा ढहने से रास्ता बंद हो गया है।
इन वार्डों में भी हुआ है नुकसान
शहर के मज्याठ वार्ड में नाले का मलबा सड़क पर आने से नुकसान हुआ है। मलबे में बाइक और गाड़ियों के टायर दब गए। बावड़ी के पास भी मलबा जमा हो गया। कसुम्पटी में एक सूखा पेड़ गिर गया। वार्ड से पार्षद रहे राकेश चौहान ने बताया कि कोटेश्वर निवास के पास यह पेड़ ढह गया जो अब मकान और रास्ते पर लटक गया है। इस बारे में नगर निगम प्रशासन को भी शिकायत दे दी है।