हिमाचल के जिला कुल्लू के बंजार में बयोठ मोड़ पर गुरुवार दोपहर बाद चार बजे एक ओवरलोड निजी बस 500 फीट गहरी खाई में लुढ़कते हुए खड्ड में जा गिरी। हादसे में 44 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 31 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। 39 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
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हादसा इतना भयानक था कि बस की छत ही क्षतिग्रस्त होकर अलग हो गई।
- फोटो : अमर उजाला
बताया जा रहा है कि चालक इस बस को पहली बार चला रहा था और वह हादसे के ऐन मौके पर कूद भी गया। बस के खाई में गिरने से परखच्चे उड़ गए। बस की छत अलग होकर पहाड़ी पर ही फंस गई, जबकि निचला हिस्सा खड्ड में जा पहुंचा। टायर भी अलग हो गए थे।42 सीटर बस में 75 से ज्यादा लोग सवार थे। छत पर भी सवारियां बैठा रखी थीं।
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रेस्क्यू में जुटे लोग।
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हादसे के बाद घटनास्थल और आसपास चीख-पुकार मच गई। बस में करीब दो दर्जन स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी सवार थे। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद नेरचौक मेडिकल कॉलेज मंडी और क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू रेफर किया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की छानबीन शुरू कर दी है। परिवहन मंत्री ने जांच के आदेश दिए हैं।
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घायलों को खाई से निकालते लोग।
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पुलिस के अनुसार खटारा हो चुकी महावीर कोच बस (एचपी 65-7065) ओवरलोड होकर बंजार से गाड़ागुशैणी की तरफ जा रही थी। बस जैसे ही बंजार से करीब एक किलोमीटर आगे तीखे बयोठ मोड़ के पास पहुंची तो अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। सड़क से गिरते ही बस पहाड़ी से जा टकराई, जिससे उसके दो हिस्से हो गए। मृतकों में बंजार से एक अखबार के पत्रकार मोहन लाल और उनकी बेटी भी हैं, जबकि दूसरी बेटी की हालत गंभीर है।
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घटनास्थल पर बिखरे पड़े शव।
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सड़क के किनारों पर न कोई पैरापिट थे और न ही कोई क्रैश बैरियर। सूचना के बाद पुलिस और आसपास के ग्रामीण घटना स्थल पर देवदूत बनकर पहुंचे। जिला भर से एंबुलेंस भेजी गईं। लोगों ने सबसे पहले हादसे में घायल हुए लोगों को बाहर निकाला। पहाड़ी पर फंसे कई घायलों को रस्सी के सहारे खड्ड में उतारा और बाद में लोगों ने पीठ पर उठाकर तार स्पैन (रस्सी का झूला) से सड़क तक पहुंचाया। यहां से 108 एबुंलेंस से घायलों को बंजार अस्पताल लाया गया।