अनिल की पत्नी सविता के हाथों की मेहंदी अभी उतरी भी नहीं थी। हाथों के चूड़े की खनक कम भी नहीं हुई थी कि पति की शहादत ताउम्र के लिए न भूलने वाले जख्म दे गई। अनिल और सविता की शादी को हुए दो वर्ष भी पूरे नहीं हो पाए हैं। चार माह का मासूम बच्चा पिता को पहचानता भी नहीं था कि परिवार के साथ ऐसा हादसा हो गया।
शहीद के पिता ने पोते के लिए कही बड़ी बात, फख्र से चौड़ा होगा हर भारतीय का सीना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, थानाकलां/लठियाणी
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 20 Jun 2019 04:54 PM IST
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