बख्शो देवी, नाम तो आपको याद होगा ही। यह वही उड़नपरी है जिसने नंगे पांव जीरो डिग्री तापमान में गोल्ड मेडल जीतकर सुर्खियां बटोरी थी। सपना तो देश का नाम रोशन करने का था मगर बख्शो के साथ कुछ ऐसा हुआ कि इसे अब फिर से घर बैठकर काम करना पड़ रहा है।
नंगे पांव दौड़कर जीता था गोल्ड मेडल, आज मदद को तरस रही है ये बेटी
हिमाचल के ऊना की रहने वाली बख्शो उस समय सबकी चहेती बन गई थी जब उसने जीरो डिग्री तापमान के बीच नंगे पांव दौड़कर 5000 मीटर की रेस जीती थी। बख्शो ने कई बड़ी रेसर को पछाड़ कर गोल्ड मेडल जीता था।
इसके बाद से बख्शो सुर्खियों में आ गई। मगर एक झौंपड़ी में रहने वाली यह बेटी अपने दम पर आगे बढ़ने में सक्षम नहीं थी। उसकी मां के लिए दो जून की रोटी कमाना भी मुश्किल हो रहा था। ऐसे में उसे ट्रेनिंग दिलवाना तो बड़ी दूर की बात थी।
ऐसे में बख्शो को घर का काम भी करना पड़ा। मगर मीडिया में चर्चा होने के बाद कई लोगों ने बख्शो की मदद को हाथ बढ़ाए। उसके अकाउंट में लाखों रुपए भी जमा हो गए। इसके बाद सरकार के कान पर भी जूं रेंगी और कई नेता आगे आए
नेताओं ने घोषणाएं की कि बख्शो को स्पोर्ट्स हॉस्टल में प्रशिक्षण दिया जाएगा। एडमिशन की प्रक्रिया भी पूरी हुई और बख्शो का वह सपना भी सच दिखने लगा कि वह प्रदेश और देश का नाम अब जल्द ही रोशन कर सकेगी। घर का काम नहीं बल्कि अब वह ट्रेनिंग लेकर आगे बढ़ सकेगी, मगर ऐसा हो न सका।