हिमाचल के मंडी में नैनो कार हादसे में ब्यास नदी में बहे दो बच्चों समेत छह लोगों का तीसरे दिन भी कोई पता नहीं लगा। मंगलवार को राफ्टरों और गोताखोरों की मदद से नदी में समाई नैनो को ढूंढ कर जेसीबी से बाहर निकाला गया लेकिन बहे लोगों के शव नहीं मिले।
तीन दिन बाद नदी से निकाली कार, 6 लोगों का नहीं चला पता, तस्वीरें
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स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर, उपायुक्त संदीप कदम ने घटनास्थल पर पहुंच कर बचाव कार्य का जायजा लिया। प्रशासन व पुलिस ने तीसरे दिन मंगलवार को भी सर्च ऑपरेशन जारी रखा। नदी में कार का पता लगने के बाद उम्मीद थी कि कुछ लोगों के शव बरामद हो सकते हैं। जेसीबी को नदी के किनारे ले जाकर रस्सों से दुर्घटनाग्रस्त कार को बाहर निकाला गया। लेकिन कार से कुछ नहीं मिला।
स्वास्थ्य एवं राजस्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने घटना स्थल का दौरा किया तथा हादसे का शिकार हुए लोगों के परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि लापता लोगों को ढूंढने के लिए फिर गोताखोरों की मदद से सर्च अभियान चलाया जाएगा। मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख की राहत राशि दी जाएगी।
सरकार ने राहत मैनुअल में बढ़ोतरी की है। पहले आपदा या दुर्घटना के शिकार लोगों के परिजनों को डेढ़ लाख की राशि दी जाती थी। जिसे सरकार ने बढ़ा कर चार लाख कर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से प्रभावितों के परिजनों को हर संभव सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी
उपायुक्त संदीप कदम ने भी घटनास्थल पर पहुंच कर राहत व बचाव कार्यों का जायजा लिया। पीड़ित परिवारों से मिले। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को दुर्घटनास्थल तथा आसपास के दुर्घटना संभावित स्थानों पर क्रैश बैरियर लगाने तथा राष्ट्रीय राजमार्ग की शीघ्र मरम्मत के निर्देश दिए।