सर्दियों के मौसम में जहां बाहरी राज्यों के पर्यटक प्रदेश के सुहावने मौसम का लुत्फ उठाने के लिए पहुंचते हैं, वहीं विदेशी परिंदे भी इस मौसम में मंडी जिले में ब्यास के तटों के अलावा बीबीएमबी, रिवालसर, सरकीधार स्थित कुंतभ्यो झील तथा नेरचौक की नलसर झीलों में सैर के लिए पहुंचते हैं। आजकल झीलों में विदेशी मेहमान परिंदों की अठखेलियां आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
इन परिंदों की खूबसूरती झीलों की सुंदरता को चार चांद लगा रही है। वहीं, सैलानियों के अलावा स्थानीय लोगों के लिए भी इन परिंदों का आगमन आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। काफी संख्या में पहुंचने वाले इन परिंदों को स्थानीय लोग सर्दियों का मेहमान पुकारते हैं। हजारों किलोमीटर दूर से उड़ान भरने वाले इन पक्षियों को जिला मंडी की झीलें सुहावनी लगती हैं। यही कारण है कि जिले की हर झील में आजकल इन पक्षियों को अठखेलियां करते हुए देखा जा सकता है। मार्च-अप्रैल तक यह परिंदे स्थायी ठिकानों के लिए रवाना होंगे। इन परिंदों में सायबेरियन और तिब्बतियन माइग्रेट परिंदों में कामन पोचार्ड, टफटिड डक आदि शामिल हैं।
हर साल आने वाले इन परिंदों से बीमारी फैलने का भी खतरा रहता है, लेकिन अभी तक किसी प्रकार की बीमारी फैलने का कोई मामला प्रकाश में नहीं आया है। ऐसे में लोग इनके आवागमन को लेकर पूरी तरह आश्वस्त भी हैं। डीएफओ मंडी एएस कश्यप ने कहा कि कुछ लोग इन परिंदों का शिकार करने से भी परहेज नहीं करते है। परिंदों के आते ही वन महकमा भी पूरी सक्रियता से इनकी सुरक्षा को लेकर तत्पर रहता है।
सर्दियों के मौसम में आने वाले इन प्रवासी परिंदों की संख्या भी हजारों में होती है। उन्होंने कहा कि यदि कोई शिकार करता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। वन मंडल अधिकारी सुंदरनगर सुमीत भारद्वाज ने बताया कि वन महकमा इन मेहमानों की सुरक्षा के लेकर सर्द मौसम में पूरी तरह से चौकन्ना रहता है। उन्होंने बताया यह परिंदे हर साल तिब्बत और साइबेरिया से यहां पहुंचते हैं और कई पर्यावरण प्रेमियों के लिए यह शोध का विषय भी रहते हैं।