आंखों के सामने खंडहर में बदल गया पूरा गांव, सब बेघर
हिमाचल के कुल्लू का कोटला गांव। भयानक आग ने गांव को ऐसे चपेट में लिया कि सभी खेतों में बैठकर अपने घर जलते देखने को मजबूर हो गए। भीषण अग्निकांड ने पूरे कोटला गांव के लोगों को बेघर कर दिया है।
आंखों के सामने खंडहर में बदल गया पूरा गांव, सब बेघर
गांव में जहां हर व्यक्ति की आंख में आंसू हैं, वहीं गांव की फिजा में एक सन्नाटा छाया हुआ है। लोगों को यह समझ नहीं आ रहा है कि अब वे क्या करेंगे। बिना छत मासूम बच्चों के साथ कहां रहेंगे। एक ओर जहां आग के तांडव ने कोहराम मचाया तो दूसरी ओर आग की चपेट में आने से जो थोड़ा-बहुत बचा हुआ सामान था उसे चोरों ने मौके का फायदा उठाकर उस पर हाथ साफ कर लिया।
आंखों के सामने खंडहर में बदल गया पूरा गांव, सब बेघर
अब भी कोटला गांव 24 घंटों से धू-धू कर जल रहा है। जहां-जहां आग शांत हो रही है, वहां लोग राख में कुछ बची वस्तुओं को तलाश करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन राख के सिवा कुछ भी हाथ कुछ नहीं लग रहा। आग ने ऐसा कहर बरपाया कि लोगों के तन पर पहने कपड़ों के सिवा कुछ भी नहीं बच सका। अग्निकांड प्रभावितों ने अपने मासूम बच्चों के साथ पूरी रात कड़ाके की ठंड में खुले खेतों में ही गुजारी।
आंखों के सामने खंडहर में बदल गया पूरा गांव, सब बेघर
हादसे में अस्सी घर जल कर राख हो गए हैं, जिससे पूरा गांव सहमा हुआ है। अग्निकांड में तीन सौ के करीब भेड़-बकरियों के जलने की भी बात कही जा रही है। जबकि, दर्जनों बैल और गायें भी आग में जिंदा जल गए हैं। प्रारंभिक जांच में नुकसान 26 करोड़ से अधिक का आंका गया है, जिसके बढ़ने की संभावना है।
आंखों के सामने खंडहर में बदल गया पूरा गांव, सब बेघर
बेघर हुए लोग अब मलबे में सामान ढूंढ रहे हैं। ये सोच के सभी चिंतित है कि आने वाले सर्दी के दिन बिना छत के कैसे गुजर पाएंगे।