लॉकडाउन में एक और जोड़ा शादी के पवित्र बंधन में बंध गया। देश-दुनिया में पूरी तरह से बदले माहौल में कांगड़ा के अभय राणा और मंडी की मोनिका एक-दूसरे के हो गए। धूम-धड़ाके के बिना कर्फ्यू में शादी के सात फेरे लेना दूल्हा-दुल्हन सहित दोनों परिवारों के लिए हमेशा याद रहेंगे। कांगड़ा जिले के कुठमां के अभय राणा अपने साथ चार लोगों की बरात लेकर जोगिंद्रनगर पहुंचे। उन्होंने भराड़ू गांव की मोनिका राणा के साथ सात फेरे लिए।
लॉकडाउन में एक-दूजे के हुए अभय और मोनिका, बरात में शामिल रहे सिर्फ पांच लोग
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बरात में सिर्फ दूल्हे के ताया सचदेव राणा के अलावा मामा शिव ओम पठानिया, कुशल राणा व अनूप राणा शामिल रहे। प्रशासन ने पांच लोगों को अनुमति दी थी। चचेरे भाई राहुल राणा ने भाई के विवाह की रस्में निभाईं। वर-वधु समेत बेहद सीमित संख्या में मौजूद परिजनों ने चेहरे पर मास्क लगाया था। अभय राणा अंतरराष्ट्रीय निजी कंपनी में हैं, जबकि दुल्हन मोनिका राणा बीएससी नर्सिंग हैं। निजी अस्पताल में कार्यरत हैं।
दूल्हे का भाई भी शादी में मौजूद नहीं था, क्योंकि निर्भय राणा विदेश में नौकरी करता है और कोरोना के चलते घर नहीं पहुंचा। दूल्हे के पिता भारतीय सेना से सेवानिवृत्त थे, जिनका दो माह पूर्व ही स्वर्गवास हुआ है। नौ महीने पहले दूल्हे के पिता विजय राणा ने अपने बेटे की सगाई की थी। कर्फ्यू के दौरान रास्ते में मिले पुलिस नाके पर दूल्हा-दुल्हन को पुलिस कर्मियों ने भी बधाई दी। दूल्हे की माता अनीता राणा वार्ड पंच हैं। शादी में दोनों परिवारों ने प्रशासन के आदेशों का पालन किया और सामाजिक दूरी की बनाए रखी।
कोरोना वायरस की महामारी से जहां पूरा विश्व जूझ रहा है, वहीं लोगों के शादी विवाह भी कोरोना महामारी के चलते बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। संतोषगढ़ नगर के वार्ड नंबर तीन की निवासी दर्शना देवी की पुत्री पल्लवी की शादी रविवार को लॉक डाउन के चलते सोशल डिस्टेंस तथा प्रशासन की ओर से तय नियमों के आधार पर हुई। दर्शना देवी की पुत्री पल्लवी का विवाह गांव सैनी माजरा (नजदीक नूरपुर बेदी) के निवासी मोहन लाल के पुत्र दविंद्र सैनी के साथ हुआ है। 22 मार्च को लॉकडाउन लागू होने के कारण उनकी शादी तीन मई को संपूर्ण होने में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ था। अब प्रशासन से स्वीकृति लेने के उपरांत तीन मई रविवार को दविंद्र सैनी और पल्लवी की शादी वार्ड नंबर चार संतोषगढ़ के गुरुद्वारा शहीदां सिंहा में साधारण समारोह में लॉक डाउन के सोशल डिस्टेंस तथा अन्य नियमों को ध्यान में रखते हुए संपूर्ण हुई। दूल्हा-दुल्हन की ओर से सीमित पारिवारिक सदस्यों ने शादी में भाग लिया।
मंडी जिले के करसोग में महेश और सीमा की शादी भी साधारण तरीके से हुई। पुराना बाजार से न्यारा गांव आई बरात में न तो बैंड-बाजे का शोर था और न ही मस्ती में झूम रही बरात। दूल्हे को मिलाकर पांच लोग दुल्हन के घर पहुंचे। बरातियों के मुंह पर मास्क थे। दुल्हन के घर पहुंचने पर एक-दो लोगों ने बरात का स्वागत किया। दोनों पक्षों ने सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा। फेरों के वक्त भी पंडित को मिलाकर तीन लोग शामिल थे। बाकी सभी लोग दूर खड़े शादी समारोह का लुत्फ उठा रहे थे। कोरोना संकट के दौर में शर्तों के साथ सरकार ने शादियों को अनुमति दी है। लोग सरकार की एडवाइजरी का पालन कर रहे हैं। नियमों की अवहेलना न हो, इसके लिए बरात में चार से पांच लोग ही शामिल हो रहे हैं। दुल्हन सीमा ने कहा कि इस समय सारा देश कोरोना से जूझ रहा है। ऐसे वक्त में सभी का फर्ज है कि सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन हो। ऐसे में साधारण तरीके से शादी की गई।