बताया जाता है कि भस्मासुर ने कई वर्षों तक भगवान शिव की यहीं पर कठोर तपस्या की थी। भस्मासुर के तप से खुश होकर भगवान शंकर ने उसे मनवांछित वरदान दिया कि वह जिस किसी के सिर पर हाथ रखेगा, वह भस्म हो जाएगा।
भस्मासुर से बचने के लिए यहां गुफा में छिप गए थे भगवान शिव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरमौर (चंबा)
Updated Mon, 03 Sep 2018 05:05 PM IST
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