कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन में जनता से जुड़ीं कई गतिविधियों का संचालन आज से शुरू हो गया है। हिमाचल में 2000 से ज्यादा उद्योगों ने काम करना शुरू कर दिया है। वहीं, मनरेगा कार्य भी गाइडलाइन के अनुसार शुरू हो गए हैं। इसके अलावा प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, मोबाइल रिपेयर, मोटर मैकेनिक व कारपेंटर का काम करने वाले सशर्त अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में हिमाचल में जिंदगी फिर से पटरी पर लौटना शुरू होने लगी है।
हिमाचल में पटरी पर लौटनी शुरू होने लगी जिंदगी, तस्वीरों में देखें जिलों के हालात
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मंगलवार को कुल्लू जिले के ढालपुर में कर्फ्यू ढील के दौरान मोबाइल फोन रिपेयर की दुकानों पर बड़ी संख्या में ग्राहक पहुंचे। हालांकि, इस दौरान सामाजिक दूरी के नियमों का पालन सुनिश्चित किया गया। इसी तरह मंडी के इंदिरा बाजार समेत शहर के अन्य भागों में मजदूरों ने काम किया।
सिरमौर के मच्छाद में मंगलवार को मनरेगा के तहत सड़क निर्माण का कार्य शुरू हुआ। गाइडलाइन के अनुसार 10 लोगों को ही काम करने की अनुमति है। एक परिवार से एक ही व्यक्ति को रोजगार मिलेगा। मनरेगा कार्यस्थल पर पानी और साबुन की व्यवस्था करनी होगी। काम के दौरान मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है। सामाजिक दूरी का पालन भी करना होगा। सरकार ने मनरेगा के तहत होने वाले सामूहिक कार्यों को मंजूरी नहीं दी है। कोरोना वायरस के चलते मनरेगा में एकल काम ही होंगे।
जल संरक्षण के तहत पानी के टैंकों का निर्माण, भूमि सुधार, पौधरोपण तथा सिंचाई से संबंधित कार्य ही किए जा सकेंगे। मनरेगा के कार्य के दौरान मास्क का प्रयोग करना जरूरी है। इसके लिए कामगार किसी भी तरह के मास्क का इस्तेमाल कर सकते हैं। कपड़े के बने मास्क भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं। सरकार की गाइडलाइन का पालन कर ही मनरेगा कार्य होंगे।
वहीं, नाहन में मंगलवार को जमीन में दबी पेयजल लाइन को ठीक करने का काम शुरू हुआ। हमीरपुर में सुबह नौ से शाम सात बजे तक मेडिकल स्टोर खुले रहेंगे। इसके साथ ही दवाइयों की होम डिलीवरी सुबह नौ से शाम सात बजे तक की जाएगी। इसके लिए सर्विस प्रदाता को पास लेना होगा।