हिमाचल में ओलावृष्टि और अंधड़ से बागवानों को करोड़ों की चपत लगी है। शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी और चंबा के कई क्षेत्रों में सेब, नाशपाती, आम, प्लम, खुमानी, आडू और टमाटर को भारी नुकसान हुआ है।
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तूफान से सेब तबाह
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नेरवा के तहत शिल्ला और भराणू पंचायत में तूफान से बगीचों में सेब के फल झड़ गए हैं। टिपरोग गांव के दिनेश झगटा के बगीचे में करीब 150 पेटी सेब झड़ गया।
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कुल्लू में नाशपाती-सेब तबाह
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गांव के अन्य बागवानों को भी व्यापक नुकसान हुआ है। दिनेश ने बताया कि बीती रात करीब नौ बजे तेज अंधड़ चला जिससे सेब तबाह हो गया। उन्होंने कहा कि करीब पांच साल बाद ऐसा तूफान आया।
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देहरादून-कालाअंब-चडीगढ़ हाईवे पर गिरा पेड़
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ओलों से कई जगह फल झड़ गए तो कई जगह अंधड़ से पेड़ टूट गए। नाहन में बारिश के साथ भारी अंधड़ से चलती स्कूटी पर गिरे पेड़ से एक युवक की मौत हो गई। पांवटा-कालाअंब-चंडीगढ़ सड़क पर मोगीनंद के पास पेड़ गिरने से एनएच-7 एक घंटे बाधित रहा। नाहन-कुमारहट्टी एनएच निहोग के समीप बंद रहा।
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कुल्लू में नाशपाती को नुकसान
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वहीं कुल्लू जिले में भी तूफान से नाशपाती, आलूबुखारे व सेब के फल गिर गए। यहां सबसे अधिक नुकसान नाशपाती को हुआ है। नाशपाती का सीजन शुरू होने के लिए महज एक महीने का समय बचा हुआ है। लेकिन आंधी-तूफान से हुए नुकसान से बागवानों को बड़ा झटका लगा है।