जिगर के टुकड़ों को खो चुके ये माता-पिता बेसुध हो गए हैं। खाना भी छोड़ दिया है। बच्चों को याद करते ही आंसुओं का सैलाब बह रहा है। हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के नूरपुर का स्कूल बस हादसा इन परिवारों को उम्र भर के जख्म दे गया।
नूरपुर हादसा: जिगर के टुकड़े दे गए जिंदगी भर के जख्म, गम में खाना छोड़ा और...
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हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के नूरपुर के करीब आधा दर्जन गांव मातम में डूबे हैं। ठेहड़, खुआड़ा, सुल्याली, फंगोता, हारगतला और लखनाहट आदि गांवों में किसी के घर में चूल्हा नहीं जला है। इन गांवों में किसी भी परिवार के लोगों ने अन्न ग्रहण नहीं किया। मासूम बच्चों की मौत के गम में हर किसी की आंख नम थी। ठेहड़ पंचायत की प्रधान इंदुबाला ने बताया कि गांवों में मातम पसरा है। कई मां-बाप अपने लाडलों को खो चुके हैं। गमगीन गांवों के परिवारों में चूल्हा तक नहीं जला है। मातम में डूबे लोग अन्न ग्रहण नहीं कर रहे हैं।
एक साथ जलीं चार भाई-बहनों की चिताएं- रितेश महाजन, खुबाड़ा (कांगड़ा)। चेली बस हादसा खुबाड़ा गांव के दो सगे भाइयों के लिए उम्र भर का जख्म दे गया। परिवार के चार भाई-बहनों की चिताएं एक साथ जलीं। यह मंजर देखकर हर किसी की आंख नम थी। खुबाड़ा गांव के सगे भाई राजेश जम्वाल और नरेश सिंह के दो बेटे और दो बेटियां हादसे का शिकार बन गईं। दोनों भाई बद्दी में निजी कंपनियों में नौकरी करते हैं। हादसे में नरेश सिंह ने 11 वर्षीय बेटी दीक्षा और आठ साल के बेटे नैतिक को खोया। उनके भाई राजेश का 10 साल का बेटा भविष्य और 13 साल की बेटी पलक हादसे का शिकार हो गई।
सात फरवरी को हुई थी शादी- ठेहड़ (नूरपुर)। शिक्षक राजेश कुमार के दादा रामदीता और दादी कुजोदवी ने कहा कि वह परिवार का एकमात्र सहारा था, वह भी इस दुनिया को छोड़कर चला गया। शिक्षक राजेश की इसी साल सात फरवरी को शादी हुई थी। बीएड करने के बाद मलकवाल के निजी स्कूल में पढ़ा रहा था। हार गतला गांव के राजेश के पिता हंसराज और भाई मजदूरी करते हैं। परिवार में वही एक पढ़ा-लिखा था। इस कारण परिवार के हर सदस्य को आस थी कि वह नौकरी करेगा और परिवार का सहारा बनेगा। उन्हें क्या पता था कि चेली हादसा उनसे यह सहारा छीन लेगा। राजेश की पत्नी पर भी मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। शादी के दो माह बाद ही उसका सुहाग छिन गया।
शादी की खरीदारी कर लौट रही थी पूनम- खुबाड़ा (कांगड़ा)। चेली हादसे में खुबाड़ा गांव की पूनम पठानिया (21) की भी मौत हो गई। पूनम की शादी 12 मई को थी। पूनम शादी की खरीदारी कर मलकवाल से खुबाड़ा लौट रही थी। लगभग तीन किलोमीटर का सफर था। तभी मलकवाल की ओर से स्कूल बस आई। उसने लिफ्ट मांगी और उस में चढ़ गई। पूनम के साथ उसकी बुआ की बेटी शगुन (15) पुत्री गुलशन कुमार निवासी कनौड़, तहसील चुवाड़ी जिला चंबा भी साथ थी। हादसे में शगुन की भी मौत हो गई। वह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला टूड़ी में दसवीं कक्षा की छात्रा थी।