मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह जिले के कांगनीधार में दो साल से लटका हेलीपोर्ट का काम पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग ने पांच दिन में पूरा कर दिया। मुख्यमंत्री और अतिरिक्त मुख्य सचिव की ओर से मामले में हस्तक्षेप के बाद वन विभाग ने आधे घंटे में फॉरेस्ट क्लीयरेंस दे दी और एक घंटे के भीतर हेलीपोर्ट के लिए 25 लाख रुपये जारी कर दिए। विभाग के अधिकारियों ने पांच दिन के भीतर कांगनीधार की पहाड़ी को काटकर जगह समतल कर दी। अब पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग 15 अगस्त को यहां हेली टैक्सी उतारने जा रहा है।
30 मिनट में फॉरेस्ट क्लीयरेंस, एक घंटे में 25 लाख जारी और पांच दिन में बन गया हेलीपोर्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 03 Aug 2018 11:01 AM IST
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