नदी किनारे टहलने गए इंजीनियरिंग छात्र ने मरने से पहले अपनी एक सेल्फी भी दोस्तों को मैसेज की थी। साथ ही एक मैसेज भी भेजा था। मगर इसके बाद ये वापस नहीं लौट पाया। इसकी लाश नदी में तैरती मिली। पूछताछ में दोस्तों को भेजे गए इस मैसेज का खुलासा हुआ है।
पुलिस के अनुसार हिमाचल के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी (आईआईटी) के बीटेक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग प्रथम वर्ष के छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। दोस्तों को नदी किनारे की अपनी सेल्फी भेजकर यह छात्र वापस हॉस्टल नहीं लौट पाया। इसकी ऊहल नदी में डूबने से मौत हो गई।
वह वाराणसी के मोनी कालरा शिवाला (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला था। पुलिस के अनुसार छात्र दीप प्रकाश (19) आईआईटी परिसर के पराशर बी-वन हॉस्टल में अपने दो सहपाठियों के साथ रहता था। गत वीरवार दोपहर को लैब से निकलकर वह दोस्तों के साथ हॉस्टल के कमरे में पहुंचा।
इसके बाद अकेला ऊहल नदी की ओर चला गया। शाम को करीब तीन बजे उसने नदी किनारे से सेल्फी दोस्तों को व्हाट्सऐप पर भेजी। शाम चार बजे दोस्तों को मेसेज किया कि 'वह वापस आ रहा है', लेकिन देर शाम तक नहीं लौटा। दीप प्रकाश की बहन ने शाम को भाई के मोबाइल पर फोन किया। फोन रिसीव न करने पर उसने दोस्तों से संपर्क किया।
रात दस बजे रोल कॉल में भी दीप प्रकाश हॉस्टल में नहीं मिला। इसके बाद दोस्तों और आईआईटी सिक्योरिटी ने तलाश शुरू की और कमांद पुलिस को सूचित किया। दोस्तों को व्हाट्सऐप पर भेजी फोटो के आधार पर ऊहल नदी किनारे तलाश शुरू की गई। पिपुल प्वाइंट के पास दीप प्रकाश का शव पानी में मिला। नदी किनारे पर एक पत्थर पर मोबाइल और जैकेट रखी थी।