माइनस 12 डिग्री तापमान में खून जमा देने वाली ठंड। बाहर बर्फीली हवाओं के थपेड़े तो वाहनों के भीतर दम घुटने जैसे हालात। भूख और प्यास से बिलखते बच्चे और तबीयत बिगड़ने से बुजुर्गों की जान पर बनी रही। लाहौल घाटी के कोकसर के पास पहले ग्रांफू और फिर राहनीनाला में शुक्रवार रात को आठ घंटे तक फंसे रहे 110 यात्रियों को ऐसे ही हालात से जूझना पड़ा।
माइनस 12 डिग्री तापमान में आठ घंटे फंसे रहे 110 यात्री, बुजुर्गों-बच्चों की जान पर बनी
ब्यूरो/अमर उजाला, केलांग (लाहौल-स्पीति)
Updated Sat, 25 Nov 2017 12:20 PM IST
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