क्रिसमस और नए साल के जश्न मनाने के लिए पहाड़ों की रानी शिमला तैयार है। शिमला शहर के ऐतिहासिक क्राइस्ट चर्च में ईसाई समुदाय के लोगों को काबुली चने, चावल और हलवे का लंगर परोसा जाएगा। चर्च में आज रात 11 से 12 बजे तक विशेष प्रार्थना होगी। प्रार्थना सभा के बाद क्रिसमस के इस त्यौहार पर ईसाई समुदाय के लोगों को स्पेशल तौर पर तैयार किया प्लम केक भी बांटा जाएगा।
क्रिसमस के जश्न को पहाड़ों की रानी शिमला तैयार, ऐतिहासिक क्राइस्ट चर्च में विशेष प्रार्थना सभाएं
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क्राइस्ट चर्च शिमला के पादरी सोहन लाल ने बताया कि बुधवार को क्रिसमस पर सुबह साढ़े नौ और 11 बजे तक अलग-अलग प्रार्थना सभा होगी। चार दशक बाद चाइम्स (बेल) भी बजाई जाएगी। इंग्लिश में पहली प्रार्थना सुबह साढ़े नौ बजे और हिंदी में 11 बजे शुरू होकर 12 बजे तक चलेगी। इस दौरान चर्च के भीतर ब्रिटिशकाल में लगाया पाइप आर्गन भी बजाया जाएगा।
मीठे का महत्व अधिक
क्राइस्ट चर्च शिमला के पादरी सोहन लाल ने कहा कि क्रिसमस पर जहां गिरिजाघरों में ईसाई समुदाय द्वारा प्रार्थना सभा में प्रभु यीशु मसीह से विश्व में शांति की प्रार्थना करते हैं। दूसरी ओर प्रार्थना के बाद समुदाय के लोगों को इस अवसर पर मीठे व्यंजन परोसे जाते हैं।
रिज मैदान पर क्राइस्ट चर्च सन 1844 में बना था। इसे 10 जनवरी 1857 को शुरू किया गया। चर्च की खासियत यह है कि यह 100 फीट लंबा, 42 फीट चौड़ा और 90 फीट ऊंचा है। इसमें 574 लोगों के बैठने की क्षमता है। अगर इसमें कुर्सियों की संख्या बढ़ा दी जाए तो यह संख्या बढ़कर 630 पहुंच जाएगी।
सन 1899 में आया था पाइप ऑर्गन
पाइप ऑर्गन विदेशी वाद्य यंत्र है। सन 1899 में इसे यहां लाया गया था। गिरिजाघर में सदस्य बेजल डीन 35 सालों से इस वाद्य यंत्र को बजा रहे हैं। यह विशालकाय पाइप ऑर्गन ऐतिहासिक है। आकार में बड़े होने के कारण इनकी ध्वनि भी काफी दूर तक जाती है। लगभग आधा किमी तक इनका संगीत बिना किसी माइक और लाउडस्पीकर के भी सुना जा सकता है।