नए साल की पहली ही बारिश और बर्फबारी ने हिमाचल में ब्लैक आउट कर दिया है। राजधानी शिमला समेत आधे प्रदेश में शुक्रवार रात से बिजली सप्लाई पूरी तरह से ठप है। कई जगह पेड़ गिरने से बिजली की एचटी लाइनें और पोल बुरी तरह से टूट गए हैं। बिजली बोर्ड कर्मी हालांकि लाइनों को ठीक करने में जुटे हैं, लेकिन प्रदेश में जारी बर्फबारी मरम्मत कार्यों को प्रभावित कर रही है।
ताजा बर्फबारी के बाद शिमला समेत प्रदेश के अधिकतर जिलों में यातायात व्यवस्था ठप हो गई है। शनिवार सुबह से शहर की सड़कों पर कोई वाहन नहीं चला। सड़कें बंद होने के कारण राजधानी का ऊपरी शिमला से संपर्क कट गया है। देर शाम तक शिमला-चंडीगढ़ सड़क पर जाम के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। कुफरी, नारकंडा और खड़ापत्थर में भारी बर्फबारी के कारण सभी सड़कें बंद हैं।
भारी बर्फबारी से लंबा जाम लग रहा है। नेशनल हाईवे-21 स्थित मनाली-पतलीकूहल के बीच सैकड़ों पर्यटक वाहन फंस रहे। सुबह से ही पर्यटक वाहनों की लंबी कतार लगी रहीं और दिन भर वाहन रेंगते रहे। ऐसे में मनाली से पतलीकूहल के बीच चली फोर वाई फोर टैक्सी चालकों ने सैलानियों से मनमाने दाम वसूले। मात्र 18 किलोमीटर के सफर के लिए टैक्सी चालकों ने 1500 रुपये 2000 रुपये लिए गए।
शिमला में पहली बर्फबारी लोगों के लिए आफत बनकर आई। यहां 108 और 102 एंबुलेंस सेवाएं प्रभावित रहीं। गाड़ियों के पहिये शनिवार सुबह थम गए। आपातकालीन स्थिति में प्रसूता महिलाओं को इमरजेंसी गाड़ियां घर द्वार पर न पहुंचने के चलते परेशानी का सामना करना पड़ा। ज्यादातर मरीजों को एंबुलेंस सेवा नहीं मिल पाई।
बर्फबारी के कारण दूध, ब्रेड और सब्जी की सप्लाई कई जगहों पर नहीं पहुंची। दूध न मिलने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सप्लाई न पहुंचने के बाद शहर के कुछ दुकानदारों ने प्रिंट रेट से अधिक मूल्य पर दूध की थैलियां बेची। यातायात व्यवस्था ठप होने के कारण रविवार को भी दूध, ब्रेड और सब्जी की सप्लाई प्रभावित रहने की संभावना है।