पहले आग ने पूरा गांव जलाकर राख कर दिया। अब आसमान से भी आफत की बर्फबारी बरस रही है। शिमला के तांगणू गांव में आग से झ़ुलसे लोग अब ठंड में कांपने को मजबूर है। यहां भारी बर्फबारी ने गांववालों को बड़ी मुसीबत में डाल दिया है। करीब दो फीट बर्फ में दबे घरों को देखकर गांववाले रोने को मजबूर है।
अग्निकांड के दूसरे दिन सोमवार को सुबह करीब सात बजे प्रभावित परिवारों के सदस्य सोकर उठे तो देखा राख बन चुके उनके मकान अब बर्फ में दब चुके थे। बर्फबारी के बीच अपने जले हुए आशियानों को देखने जैसे ही बाहर निकले तो देखा जले हुए आशियानों की राख के ढेर पर बर्फ की सफेद चादर बिछी हुई है। इस मंजर को देख परिवार के सदस्य अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए।
सर्द मौसम में प्रभावित पशुओं को घरों के बरामदे के नीचे आसरा दिया हुआ है। प्रभावित परिवारों की महिलाएं बर्फबारी के बीच ही पशुओं के लिए घास की व्यवस्था कर रही हैं। कड़ाके की ठंड के बीच पूरा गांव ठिठुरने को मजबूर है। एक दिन पहले हुए अग्निकांड में शिमला का तांगणू गांव जलकर राख हो गया था। दूसरे ही दिन यहां भारी बर्फबारी शुरू हो गई। अब लोगों के पास तन के कपड़े के अलावा सर्दी से बचने का कोई और साधन भी नहीं है।
सुबह नौ बजे गांव में बर्फबारी के बीच लोगों ने एकत्र होकर दोपहर के खाने की व्यवस्था करना शुरू कर दी। इसके लिए एक जगह से बर्फ हटाकर एक तंबू लगाया गया। इसके बाद पूरे गांव के लिए खाना बनकर तैयार हुआ। हालत यह है कि खाने के लिए अनाज भी दूसरे गांव के लोग दे रहे हैं। लोगों का अपना अनाज घरों के साथ ही खाक हो गया।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि राज्य सरकार शिमला जिले की रोहड़ू तहसील के गांव बानवाड़ी (तांगनू) के सभी प्रभावित परिवारों के लिए उचित पुनर्वास के लिए हरसंभव मदद देगी। वीरभद्र ने कहा कि वह निजी तौर पर राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं और शीघ्र ही आगजनी से प्रभावित परिवारों को मिलेंगे। उन्होंने कहा कि उनके स्थायी पुनर्वास तक किसी प्रकार की कठिनाई न आए, वह लगातार जिला प्रशासन से इसका फीडबैक ले रहे हैं।