रेड अलर्ट के बीच हिमाचल में शुक्रवार रात और शनिवार को सामान्य से 200 फीसदी ज्यादा बारिश रिकॉर्ड हुई। पालमपुर के न्यूगल में बादल फटने से न्यूगल खड्ड व बनेर खड्ड में बाढ़ आ गई। शनिवार को चार नेशनल हाईवे समेत 323 सड़कें प्रदेश में बाधित रहीं। भारी बारिश के चलते कांगड़ा जिला के स्कूलों में शनिवार को छुट्टी करनी पड़ी।
चंबा जिला में स्कूलों में जारी परीक्षा रद्द करनी पड़ी। बादल फटने से पालमपुर की न्यूगल खड्ड में फंसे छह लोग रेस्क्यू किए गए। कुल्लू के पतलीकूहल में ब्यास नदी में फंसे दो लोगों को भी बचाया गया। भारी बारिश से कुल्लू के अखाड़ा बाजार में बैली ब्रिज और कांगड़ा के इंदौरा में पुल क्षतिग्रस्त हो गया।
शनिवार को मनाली-लेह, धर्मशाला-गगल, मंडी-पठानकोट और भरमौर-पठानकोट नेशनल हाईवे पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। कालका-शिमला एनएच पर दिनभर जाम लगा रहा। भूस्खलन से हैरिटेज रेल ट्रैक कालका-शिमला भी बाधित हुआ। भारी बारिश के चलते प्रदेश में नदी-नाले उफान पर हैं।
चंबा की बाट पंचायत में दो मकान जमींदोज हो गए। एक मकान में दरारें आई। भरमौर की 29 पंचायतों में ब्लैक आउट हो गया है। शुक्रवार रात दस बजे गुल हुई बिजली शनिवार शाम तक बहाल नहीं हो पाई। भटियात की परछोड़ आदर्श पंचायत में निर्माणाधीन फिन्ना सिंह प्रोजेक्ट को बारिश से भारी नुकसान हुआ है। प्रोजेक्ट की करीब एक करोड़ की लागत की जीएस मशीन जमींदोज हो गई है। दो स्टोर क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिसमे करीब चार हजार सीमेंट की बोरी मौजूद थी।
इसके अलावा पुल भी क्षतिग्रस्त हुआ। सुरपड़ा पंचायत में भूस्खलन से गौशाला गिरने से करीब डेढ़ दर्जन भेड़-बकरियां मर गईं। चुवाड़ी के समीप कलम खड्ड पर बना नोला पुल सुबह तड़के पूरी तरह पानी में बह गया। भारी बारिश से राजधानी शिमला में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
तस्वीरें: हिमाचल में बारिश का कहर, स्कूलों में हुई छुट्टी, छह जिलों में रेड अलर्ट जारी