हांटेड प्लेस! यहां लड़कियों को अपना शिकार बनाती हैं बुरी आत्माएं
अंग्रेजों के समय में इस जगह पर अपराधियों को फांसी दी जाती थी। बस यहीं से यह जगह हांटेड प्लेस बन गई। बुरी आत्माएं लड़कियों को अपना शिकार बनाने लगीं। हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रामपुर गर्ल्ज कॉलेज और खोपड़ी ढांक नामक स्थान के साथ बहती सतलुज नदी के किनारे अंग्रेजी शासनकाल के दौरान अपराधियों को फांसी के तख्ते पर लटकाया जाता था। इसके बाद से यहां बुरी आत्माओं के साये से लोगों का अकसर सामना होने लगा। इनपुट और फोटो: सुभाष सेन
हांटेड प्लेस! यहां लड़कियों को अपना शिकार बनाती हैं बुरी आत्माएं
गर्ल्ज कॉलेज से खोपड़ी ढांक तक अकसर लोगों के साथ कई भूतियाना हादसे पेश आते। गर्ल्ज कॉलेज में कई वर्षों तक कई छात्राओं को खेल (पूरा शरीर कांपना और जोर जोर से चिल्लाना) आती रही और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया जाता था लेकिन वहां भी कुछ छात्राओं का ईलाज हो पाता था। बुरी आत्माओं के चंगुल में फंसी इन लड़कियों को बड़ी परेशानियां झेलनी पड़ती थी। नाम न लिखने की शर्त पर इन छात्राओं ने बताया कि कई बार तो वे छह से आठ दिनों तक अस्पताल में बेहोश रहीं।
हांटेड प्लेस! यहां लड़कियों को अपना शिकार बनाती हैं बुरी आत्माएं
कई वर्षों तक जब छात्राओं में खेल आने का सिलसिला नहीं थमा तो स्कूल प्रशासन और स्थानीय लोगों की राय पर यहां क्षेत्र के देवताओं को बुलाया गया। यहां छात्राओं पर बुरी शक्तियां हावी होने से स्कूल का माहौल भी बदलने सा लग गया था। लोगों ने यहां अपने बच्चों की एडमिशन करानी बंद कर दी थी।
हांटेड प्लेस! यहां लड़कियों को अपना शिकार बनाती हैं बुरी आत्माएं
आए दिन छात्राओं पर भूतियाना आत्माओं का साया पड़ जाता था। जिससे निजात दिलाने में यहां के प्रसिद्ध देवता जाख रचोली का अहम किरदार रहा। बताते चलें की देवता जाख को यहां स्कूल में छात्राओं को पेश आ रही समस्याओं को लेकर करीब दो बार बुलाया गया।
हांटेड प्लेस! यहां लड़कियों को अपना शिकार बनाती हैं बुरी आत्माएं
देवता जाख अपनी देवी शक्ति से बुरी आत्माओं को अपने वश में करके रचोली मंदिर ले गए। बीते करीब आठ नौ वर्षों से स्कूल परिसर में फिर से ऐसी कोई वारदात पेश नहीं आई और देवता के आशीर्वाद से आज यहां शिक्षा ग्रहण कर रही छात्राएं शांति के माहौल में शिक्षित हो रही हैं।