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गिरि नदी तट पर जलीं एक ही पंचायत के पांच लोगों की चिताएं

Mon, 26 Nov 2018 10:50 PM IST
हितेश शर्मा/ योगेंद्र अग्रवाल, अमर उजाला, नाहन/ ददाहू (सिरमौर)
हितेश शर्मा/ योगेंद्र अग्रवाल, अमर उजाला, नाहन/ ददाहू (सिरमौर) Updated Mon, 26 Nov 2018 10:50 PM IST
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Five people from the same Panchayat cremated at the Giri river bank

हर तरफ खामोशी है। नम आंखें जैसे बहुत कुछ कहना चाहती हों, लेकिन विपदा की इस घड़ी में मुंह से महज एक ही लफ्ज ये क्या हुआ...ही निकल रहा है। जलाल पुल बस हादसे में मारे गए धारटीधार इलाके के पांच लोगाें के अंतिम संस्कार में पहुंचा हर शख्स भावुक हो गया। 

Five people from the same Panchayat cremated at the Giri river bank

सोमवार को गिरि नदी तट पर पांचों का अंतिम संस्कार हुआ तो पूरा इलाका ही रुआंसा हो गया। पति-पत्नी के साथ उनकी चाची, दूसरे गांव में एक ही परिवार की दो विवाहिताएं और एक अन्य गांव में 14 साल के एक किशोर की मौत से धारटीधार इलाके में मातम छा गया। नेहली-धीड़ा पंचायत के तीन गांवों से पांच लोगों की अर्थियां गिरि नदी के तट पर अंतिम संस्कार के लिए निकली तो इसी पंचायत के काटल के मृतक किशोर का अंतिम संस्कार जलाल नदी के किनारे हुआ। 

Five people from the same Panchayat cremated at the Giri river bank

सोमवार को गिरि नदी के तट पर नेहलीधीड़ा पंचायत के जैतक व डगराहां गांव के मृतकों का अंतिम संस्कार किया गया। सुबह के समय डगराहां गांव के एक परिवार के काकूराम की पत्नी ऊमा देवी और अशोक कुमार की पत्नी दीना देवी का अंतिम संस्कार हुआ। 

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Five people from the same Panchayat cremated at the Giri river bank

जबकि दोपहर बाद जैतक गांव के सत्याराम व उनकी धर्मपत्नी भागवंती देवी के अंतिम संस्कार के लिए गिरि नदी के तट पर एक ही चिता बनाई गई। जबकि, सत्याराम की रिश्ते में चाची विद्या देवी का दूसरी चिता पर अंतिम संस्कार हुआ। यही नहीं इसी पंचायत के काटल गांव के रहने वाले 14 वर्षीय मृतक किशोर अभय चौहान का भी अंतिम संस्कार सोमवार को हुआ। 

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Five people from the same Panchayat cremated at the Giri river bank

चौदह वर्षीय किशोर अभय की मां बस हादसे में घायल हो गई थी। सोमवार को अभय का अंतिम संस्कार किया गया। घायल होने की वजह से उसकी अभागी मां अंतिम दर्शन भी नहीं कर पाई। वहीं, अभय के फौजी पिता छुट्टी लेकर बेटे की अंतिम विदाई के लिए घर पहुंचे। हजारों लोग श्मशानघाट पहुंचे और मृतकों को अश्रुपूर्ण अंतिम विदाई दी।

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