उत्तराखंड के साथ-साथ हिमाचल के जंगल भी दहक रहे हैं। 12 में से आठ जिलों में आग इन दिनों जंगलों में तबाही मचा रही है। पिछले एक माह में सूबे में हजारों हेक्टेयर जंगल स्वाह हो चुके हैं। वन संपदा को अरबों का नुकसान हो चुका है। पिछले एक महीने में आग लगने के 378 मामले सामने आए हैं। वन विभाग ही नहीं, पुलिस भी अब अलर्ट पर है।
हिमाचल में आग से तबाही, 8 जिलों में अलर्ट जारी, कई ट्रेनें लेट
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कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द हैं। हर प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन जंगलों में आग थमने का नाम नहीं ले रही है। सोलन, शिमला, चंबा, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, ऊना और उत्तराखंड से सटे सिरमौर जिला जंगल की आग से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का कहना है कि सरकार सतर्क है। गर्मियों में आग लगती रहती है। उत्तराखंड जैसी कोई स्थिति हिमाचल में नहीं है। (मंडी में आग से दहकते जंगल)
शिमला-कालका हेरिटेज ट्रैक के इर्द-गिर्द के जंगल आग में दहक रहे हैं। सैलानियों के रोमांच से भरे सफर पर आग का खतरा मंडरा रहा है। सोमवार परवाणू से लेकर सोलन तक धर्मपुर के सनवारा, कोटी, बड़ोग और सोलन पंचपरमेश्वर में आग भड़क गई। ट्रैक पर पत्थर गिरने लगे। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए जगह-जगह ट्रेन रोक दी गई। सभी ट्रेनों को क्लीयरेंस मिलने के बाद ही हरी झंडी दिखाई गई।
डीआरएम अंबाला प्रवीण द्विवेदी ने कहा कि सोलन में कोटी, सनवारा, बड़ोग और धर्मपुर के जंगलों में आग लगने की सूचना है। प्रभावित क्षेत्र रेलवे ट्रैक के इर्द-गिर्द हैं। सभी छह रेल प्रभावित हुई हैं। सभी यात्री सुरक्षित हैं। (सोलन के जंगलों में भड़की आग)
आग की घटनाओं के बढ़ने के साथ ही हिमाचल पुलिस भी अलर्ट हो गई है। एडीजीपी कानून व्यवस्था संजय कुंडू ने बताया कि सभी जिलों के एसपी को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही होमगार्ड, पुलिस व फायर बिग्रेड के अधिकारियों के साथ तालमेल बैठाकर स्थिति पर नजर रखने को कहा है। (नाहन के जंगलों में रात को आग से मची तबाही)